नई दिल्ली, 26 जुलाई। देश आज कारगिल विजय दिवस की 27वीं वर्षगांठ मना रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल युद्ध के वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि भारतीय सैनिकों का अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और मातृभूमि के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। उन्होंने कहा कि देश उन वीर सपूतों का सदैव ऋणी रहेगा जिन्होंने कठिनतम परिस्थितियों में भी भारत की सीमाओं की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल एक ऐतिहासिक जीत का स्मरण नहीं है, बल्कि उन सैनिकों के साहस और देशभक्ति को नमन करने का अवसर भी है, जिन्होंने दुर्गम पहाड़ियों पर दुश्मन का डटकर मुकाबला किया।
कठिन परिस्थितियों में भी नहीं डिगा भारतीय सेना का हौसला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संदेश में लिखा कि कारगिल की कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने जिस साहस और समर्पण का परिचय दिया, वह हमेशा राष्ट्रीय गौरव का विषय रहेगा। उन्होंने कहा कि जवानों की अटूट देशभक्ति और कर्तव्य के प्रति उनकी निष्ठा देशवासियों के लिए प्रेरणा का अमिट उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि भारत की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले हर सैनिक के प्रति पूरा देश सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करता है।
अमित शाह बोले- ऑपरेशन विजय ने दुश्मन को घुटने टेकने पर किया मजबूर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कारगिल विजय दिवस पर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने हिमालय की दुर्गम और बर्फीली चोटियों पर बेहद विषम परिस्थितियों के बीच अद्वितीय शौर्य का परिचय दिया।
अमित शाह ने कहा कि ऑपरेशन विजय के दौरान भारतीय जवानों ने ऊंचाई पर बैठे दुश्मन को परास्त कर देश की सीमाओं की रक्षा की और पाकिस्तान समर्थित घुसपैठियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने उन सभी शहीदों को नमन किया जिन्होंने राष्ट्र की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
राजनाथ सिंह ने कहा- यह केवल एक दिवस नहीं, राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा है
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संदेश में कहा कि कारगिल विजय दिवस भारत के लिए महज एक स्मृति दिवस नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा और त्याग की भावना को याद करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि यह दिन हर युवा को यह समझाता है कि व्यक्तिगत सफलता से ऊपर राष्ट्रहित और सेवा का भाव होता है। उनके अनुसार किसी भी मजबूत राष्ट्र की वास्तविक ताकत उसके नागरिकों और सैनिकों के त्याग तथा कर्तव्यनिष्ठा में निहित होती है।
राहुल गांधी ने भी वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी कारगिल युद्ध के शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि भारत की सीमाओं की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी वीर जवानों का देश हमेशा सम्मान करेगा और उनका साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।
527 वीर सैनिकों के बलिदान को करता है नमन यह दिन
कारगिल विजय दिवस हर वर्ष 26 जुलाई को मनाया जाता है। वर्ष 1999 में भारतीय सेना ने ऑपरेशन विजय के तहत कारगिल की रणनीतिक चोटियों पर कब्जा जमाए पाकिस्तानी घुसपैठियों को पीछे हटाकर ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। इस अभियान में भारतीय सेना के 527 जवानों ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। यही कारण है कि यह दिन देश के शहीदों के अदम्य साहस, बलिदान और राष्ट्रभक्ति को याद करने का प्रतीक माना जाता है।











