लखनऊ/05 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में हुए हंगामे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष, विशेषकर समाजवादी पार्टी (सपा), पर तीखा हमला बोला है। यूपी विधानसभा हंगामे पर CM योगी ने कहा कि सदन की कार्यवाही बाधित करना लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है और इससे प्रदेश के युवाओं, किसानों, महिलाओं तथा गरीबों के हितों को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के विरोध के कारण कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा नहीं हो सकी।
यूपी विधानसभा हंगामे पर CM योगी ने सपा के रवैये पर उठाए सवाल
बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान एक बार फिर विपक्ष का “अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक चेहरा” सामने आया है। उन्होंने कहा कि सदन को हंगामे की भेंट चढ़ाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार मानसून सत्र में युवाओं के रोजगार, कौशल विकास, किसानों के हित, महिलाओं के सशक्तिकरण और गरीबों के कल्याण से जुड़ी कई नई योजनाओं पर चर्चा करना चाहती थी, लेकिन विपक्ष के रवैये के कारण यह संभव नहीं हो सका।
59 हजार करोड़ रुपये से अधिक के अनुपूरक बजट का किया जिक्र
सीएम योगी ने बताया कि सरकार 59 हजार करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट लेकर सदन में आई थी। उनके मुताबिक, इस बजट में युवाओं, किसानों, महिलाओं और गरीबों के लिए नई योजनाओं एवं कल्याणकारी कार्यक्रमों के लिए वित्तीय प्रावधान किए गए थे।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती थी कि इन प्रस्तावों पर विधानसभा में विस्तार से चर्चा हो और विभिन्न योजनाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो, लेकिन लगातार हंगामे के कारण यह प्रक्रिया प्रभावित हुई।
‘सपा ने जनहित के मुद्दों पर चर्चा नहीं होने दी’
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार जनकल्याण से जुड़े प्रस्तावों के साथ सदन में आई थी, लेकिन विपक्ष ने सकारात्मक चर्चा की बजाय व्यवधान पैदा किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि सपा ने युवाओं के रोजगार, किसानों की योजनाओं, महिलाओं के स्वावलंबन और गरीबों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं होने दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रवैया केवल असंवैधानिक ही नहीं, बल्कि युवा विरोधी, किसान विरोधी, महिला विरोधी और गरीब विरोधी भी है।
मानसून सत्र में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर लगातार तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है। एक ओर सरकार विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगा रही है, वहीं विपक्ष सरकार को विभिन्न जनहित के मुद्दों पर घेरने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में भी सदन के भीतर राजनीतिक टकराव जारी रहने की संभावना है।









