लखनऊ/06 अगस्त 2026: प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी बाढ़ राहत व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जाएं और किसी भी प्रभावित परिवार तक सरकारी सहायता पहुंचने में देरी नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने तटबंधों की सुरक्षा, कटान प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, स्कूली वाहनों की सुरक्षा और खाद वितरण व्यवस्था की भी विस्तार से समीक्षा की।
गुरुवार को मुख्यमंत्री ने बलिया, बाराबंकी, उन्नाव, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, कुशीनगर और मुजफ्फरनगर समेत बाढ़ प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
यूपी बाढ़ राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि जिन गांवों का संपर्क बाढ़ के कारण प्रभावित हुआ है, वहां राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, दवाइयों और अन्य जरूरी सुविधाओं की तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी प्रभावित परिवार को सरकारी सहायता के लिए इंतजार नहीं करना पड़ना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ काम करें और राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तटबंधों की सुरक्षा और कटान रोकने पर विशेष जोर
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती, कुशीनगर, मुजफ्फरनगर और बलिया में नदियों के तटबंधों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संभावित कटान वाले क्षेत्रों में तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं।
विशेष रूप से बलिया में कटान से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें जल्द भूमि का पट्टा और आवास उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि प्रभावित परिवारों को स्थायी राहत मिल सके।
अगले सप्ताह भारी बारिश की संभावना, प्रशासन अलर्ट
बैठक में राहत आयुक्त ने जानकारी दी कि प्रदेश में अगले एक सप्ताह तक अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिलों को पहले से तैयार रहने, राहत सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समय रहते पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखे और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जाए।
स्कूली वाहनों और चालकों के सत्यापन के निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देते हुए कहा कि प्रदेश में केवल फिटनेस मानकों पर खरे उतरने वाले स्कूली वाहनों का ही संचालन किया जाए।
इसके साथ ही ई-रिक्शा, टैक्सी और स्कूल वाहनों के चालकों का अनिवार्य पुलिस सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए, ताकि बच्चों और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
खाद की कालाबाजारी पर सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों के लिए यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरकों की पर्याप्त व्यवस्था है। उन्होंने जिलाधिकारियों को खाद वितरण में पूरी पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए।
योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कहा कि खाद की एक भी बोरी की कालाबाजारी नहीं होनी चाहिए। आवश्यकता पड़ने पर पैक्स केंद्रों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जाए। साथ ही खाद वितरण से पहले खतौनी का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए और नेपाल सीमा से सटे जिलों में विशेष निगरानी रखी जाए।










