नई दिल्ली/7 अगस्त 2026। श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले पूर्व भारतीय कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टीम के बल्लेबाजों को आक्रामक क्रिकेट खेलने की सलाह दी है। रहाणे का मानना है कि श्रीलंका की परिस्थितियों में सिर्फ रक्षात्मक रवैया अपनाकर सफलता हासिल करना मुश्किल होगा। भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला 15 अगस्त से गाले में खेला जाना है।
अजिंक्य रहाणे बोले- गेंदबाजों पर बनाएं दबाव
अजिंक्य रहाणे ने ईटीपीएल को दिए इंटरव्यू में श्रीलंका की परिस्थितियों के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि श्रीलंका में टेस्ट मैच के शुरुआती दिन विकेट बल्लेबाजी के लिए अच्छा हो सकता है, इसलिए बल्लेबाजों को शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करनी चाहिए।
रहाणे के मुताबिक, श्रीलंका में उन्होंने एक बात सीखी है कि वहां बहुत ज्यादा रक्षात्मक होकर खेलना सही रणनीति नहीं है। स्पिनरों को मदद मिलने की वजह से बल्लेबाजों को अपने शॉट खेलने और दबाव बनाने की जरूरत होती है।
श्रीलंका को हल्के में लेना बड़ी भूल
पूर्व कप्तान ने श्रीलंकाई टीम को लेकर भी सावधान किया। उन्होंने कहा कि मेजबान टीम के पास अच्छे स्पिन गेंदबाज हैं और श्रीलंका में घरेलू टीम को हराना कभी आसान नहीं होता।
रहाणे ने अपने अनुभव के आधार पर कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी टीम या खिलाड़ी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। परिस्थितियां बदलते देर नहीं लगतीं और टेस्ट मैच में एक छोटा-सा दौर भी मुकाबले का रुख बदल सकता है।
टी-20 के दौर में बदल गई टेस्ट बल्लेबाजी
रहाणे ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में टेस्ट क्रिकेट की बल्लेबाजी में भी काफी बदलाव आया है। टी-20 क्रिकेट की लोकप्रियता का असर टेस्ट क्रिकेट में भी देखने को मिल रहा है।
उन्होंने स्कूप, लैप, स्विच हिट और रिवर्स स्वीप जैसे शॉट्स का उदाहरण देते हुए कहा कि आधुनिक क्रिकेट में खिलाड़ियों को अलग-अलग प्रारूपों की जरूरत के अनुसार तेजी से ढलना पड़ता है।
संन्यास के बाद भी क्रिकेट से जुड़े रहना चाहते हैं
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके रहाणे ने कहा कि अभी भी वह क्रिकेट खेलना चाहते हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि साल में कितने मैच खेलेंगे, लेकिन उनका कहना है कि वह अभी खेलने में सक्षम हैं। इसी वजह से वह ईटीपीएल में खेल रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में किसी आईपीएल टीम के मेंटोर की भूमिका निभाने में उन्हें खुशी होगी। रहाणे के अनुसार, लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर से हासिल अनुभव उन्हें खिलाड़ियों की मानसिकता समझने और उन्हें सही दिशा देने में मदद कर सकता है।













