गोरखपुर, बुधवार, 23 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को चरगांवा में नवनिर्मित राजकीय महिला शरणालय का लोकार्पण किया। करीब 8 करोड़ 5 लाख 42 हजार रुपये की लागत से तैयार किए गए इस भवन में एक साथ 100 महिलाओं के रहने की क्षमता है। शरणालय में निराश्रित, घरेलू हिंसा से पीड़ित और परिवार से बिछड़ी महिलाओं को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाएगा।
लोकार्पण के बाद मुख्यमंत्री ने शरणालय भवन का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यहां रहने वाली महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भोजन, स्वास्थ्य, सुरक्षा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए।
गोरखपुर राजकीय महिला शरणालय को लेकर CM योगी ने कही ये बात
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा और प्रदेश की कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए समाजवादी पार्टी पर राजनीतिक हमला किया। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उस दौर में कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों में चिंता थी और बेटियों की सुरक्षा भी एक बड़ा सवाल थी। उनके अनुसार, 2017 के बाद सरकार ने कानून-व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए कई स्तरों पर काम किया है।
योगी ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं है, बल्कि उनके सम्मान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता से भी जुड़ा है। उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म से लेकर उसकी पढ़ाई, विवाह, सुरक्षा और स्वावलंबन तक सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध करा रही है।
कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह योजना का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत बेटी के जन्म से स्नातक तक कुल 25 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है। वहीं, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक लाख रुपये की व्यवस्था किए जाने की बात उन्होंने कही।
उन्होंने बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 1.60 करोड़ बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग, किताबें, जूते-मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराए जाने की भी जानकारी दी।
साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा
रोजगार के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मिशन रोजगार के तहत अब तक साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उत्तर प्रदेश में करीब 96 लाख एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से तीन करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संचालित 24 हजार से अधिक स्टार्टअप का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, इससे युवाओं के लिए रोजगार पाने के साथ रोजगार देने के अवसर भी बढ़े हैं।
महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन पर जोर
मुख्यमंत्री ने लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी जैसी पहलों का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाएं अब आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सुरक्षा के साथ-साथ शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी है।
योगी ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस से होने वाली मौतों में कमी का भी उल्लेख किया और इसे सरकार की स्वास्थ्य संबंधी पहलों से जोड़कर बताया।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थियों को बांटे लैपटॉप
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री बाल सेवा (कोविड) योजना के 10 लाभार्थियों को अपने हाथों से लैपटॉप वितरित किए। इस योजना के तहत कोविड के कारण निराश्रित हुए बच्चों को सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
लैपटॉप वितरण के दौरान लाभार्थियों में अक्षिता गुप्ता, पलक चौहान, दीपिका, प्रियांशी यादव, उमरा अंजुम, आयुषी यादव, सुधीर कुमार, प्रियांशु यादव, अनीश कुमार सिंह और रुद्र प्रताप रंजन शामिल रहे।
14.87 करोड़ की लागत से बन रहा किशोर संप्रेक्षण गृह
राजकीय महिला शरणालय के लोकार्पण से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्माणाधीन राजकीय संप्रेक्षण गृह (किशोर) का भी निरीक्षण किया। 100 किशोरों की क्षमता वाले इस भवन का निर्माण करीब 14 करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य और प्रस्तावित सुविधाओं की जानकारी ली।
गोरखपुर में महिला शरणालय का नया भवन ऐसे समय में शुरू हुआ है, जब महिला सुरक्षा के साथ उनके पुनर्वास और आत्मनिर्भरता पर भी सरकारी योजनाओं में जोर दिया जा रहा है। नए शरणालय का उद्देश्य संकट में फंसी महिलाओं को केवल छत उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित वातावरण और आवश्यक सहायता देना भी है।










