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8 महीने में 11 करोड़ यात्रियों ने भरी उड़ान, जानिए कौन सी एयरलाइन रही आगे और किन परेशानियों से जूझे यात्री

On: September 23, 2026
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जानिए कौन सी एयरलाइन रही आगे और किन परेशानियों से जूझे यात्री
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नई दिल्ली/23 सितंबर 2026: भारत में हवाई सफर करने वालों की संख्या लगातार बड़े स्तर पर बनी हुई है। जनवरी से अगस्त 2026 के बीच घरेलू एयरलाइंस ने 1105.30 लाख यानी करीब 11.05 करोड़ यात्रियों को सफर कराया। हालांकि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले यात्री संख्या में मामूली 0.18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। इस दौरान जहां करोड़ों लोगों ने हवाई यात्रा की, वहीं बड़ी संख्या में यात्रियों को फ्लाइट कैंसिलेशन, देरी और सामान से जुड़ी परेशानियों का भी सामना करना पड़ा।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के अगस्त 2026 के आंकड़े बताते हैं कि महीने के दौरान निर्धारित घरेलू उड़ानों की कुल कैंसिलेशन दर 1.04 प्रतिशत रही। वहीं एयरलाइंस के खिलाफ 2,132 यात्री शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें सबसे अधिक 29.5 प्रतिशत शिकायतें बैगेज यानी सामान से जुड़ी थीं। इसके बाद फ्लाइट से जुड़ी समस्याओं और रिफंड संबंधी शिकायतों का स्थान रहा।

हवाई यात्री संख्या में मामूली गिरावट, अगस्त में ज्यादा दबाव

DGCA के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2026 तक घरेलू एयरलाइंस ने 1105.30 लाख यात्रियों को उड़ान कराई। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 1107.26 लाख था। इस तरह सालाना आधार पर घरेलू हवाई यात्री यातायात में 0.18 प्रतिशत की कमी आई।

अगस्त में भी यात्री यातायात पर दबाव देखने को मिला। जुलाई की तुलना में अगस्त में घरेलू यात्री संख्या में 6.34 प्रतिशत की मासिक गिरावट दर्ज हुई। अगस्त 2026 में करीब 1.21 करोड़ यात्रियों ने घरेलू उड़ानों से सफर किया।

आंकड़े बताते हैं कि हवाई यात्रा की मांग बड़े स्तर पर बनी हुई है, लेकिन परिचालन संबंधी समस्याएं अब भी यात्रियों के अनुभव को प्रभावित कर रही हैं।

अगस्त में 2,132 शिकायतें, सबसे ज्यादा परेशानी सामान को लेकर

अगस्त में एयरलाइंस के खिलाफ कुल 2,132 यात्री शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें 29.5 प्रतिशत शिकायतें बैगेज से संबंधित थीं। इसके अलावा 26.3 प्रतिशत शिकायतें फ्लाइट से जुड़ी समस्याओं और 17.3 प्रतिशत रिफंड से संबंधित थीं। DGCA के आंकड़ों के मुताबिक, कुल 2,132 शिकायतों में से 2,123 का निपटारा किया जा चुका था।

यानी यात्री संख्या भले करोड़ों में हो, लेकिन एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद सामान की स्थिति, उड़ान में बदलाव या टिकट के पैसे वापस मिलने जैसी समस्याएं यात्रियों की बड़ी चिंता बनी हुई हैं।

SpiceJet की कैंसिलेशन दर सबसे ज्यादा

अगस्त में एयरलाइंस की उड़ान रद्द होने की दर में काफी अंतर दिखाई दिया। SpiceJet की कैंसिलेशन दर 20.92 प्रतिशत रही। इसके बाद IndiaOne Air 10.60 प्रतिशत और Alliance Air 4.58 प्रतिशत पर रही।

अन्य एयरलाइंस में Fly91 की कैंसिलेशन दर 1.35 प्रतिशत, Air India Group की 1.14 प्रतिशत, Star Air की 0.90 प्रतिशत, IndiGo की 0.33 प्रतिशत और Akasa Air की 0.07 प्रतिशत रही। सभी निर्धारित घरेलू एयरलाइंस की संयुक्त कैंसिलेशन दर 1.04 प्रतिशत थी।

तकनीकी खराबी बनी फ्लाइट कैंसिलेशन की सबसे बड़ी वजह

DGCA के आंकड़ों के अनुसार अगस्त में रद्द हुई उड़ानों में तकनीकी कारणों की हिस्सेदारी 50.2 प्रतिशत रही। इसके बाद परिचालन संबंधी कारण 20.4 प्रतिशत, अन्य कारण 17.4 प्रतिशत, मौसम 8.5 प्रतिशत और व्यावसायिक कारण 3.5 प्रतिशत रहे।

इससे साफ है कि उड़ान रद्द होने के मामलों में तकनीकी समस्याएं सबसे बड़ा कारण रहीं, जबकि मौसम संबंधी कारणों की हिस्सेदारी इससे काफी कम रही।

दो घंटे से ज्यादा देरी वाली उड़ानों में भी SpiceJet आगे

अगस्त में करीब 1.39 प्रतिशत उड़ानों में दो घंटे से ज्यादा की देरी दर्ज की गई। एयरलाइनवार आंकड़ों में SpiceJet की ऐसी उड़ानों की हिस्सेदारी 48.05 प्रतिशत रही।

इसके बाद Fly91 की 3.46 प्रतिशत, Alliance Air की 2.47 प्रतिशत और Air India Group की 1.29 प्रतिशत उड़ानें दो घंटे से ज्यादा देर से चलीं। Star Air में यह आंकड़ा 0.70 प्रतिशत, Akasa Air में 0.45 प्रतिशत और IndiGo में 0.44 प्रतिशत रहा। IndiaOne Air की किसी भी उड़ान में दो घंटे से अधिक की देरी दर्ज नहीं हुई।

IndiGo की बाजार हिस्सेदारी घटी, Air India Group का हिस्सा बढ़ा

अगस्त में घरेलू विमानन बाजार की तस्वीर में भी बदलाव देखने को मिला। IndiGo की बाजार हिस्सेदारी जुलाई के 67.4 प्रतिशत से घटकर अगस्त में 65 प्रतिशत रह गई।

इसके विपरीत Air India Group की हिस्सेदारी जुलाई के करीब 24 प्रतिशत से बढ़कर 26.7 प्रतिशत हो गई। Akasa Air की बाजार हिस्सेदारी 5.5 प्रतिशत पर स्थिर रही, जबकि SpiceJet की हिस्सेदारी 1.6 प्रतिशत से घटकर 1.2 प्रतिशत रह गई।

दूसरे शब्दों में कहें तो अगस्त में घरेलू विमानन बाजार में IndiGo की हिस्सेदारी कम हुई, जबकि Air India Group का हिस्सा बढ़ा। यह बदलाव ऐसे समय आया है जब कुल घरेलू यात्री यातायात में भी मासिक गिरावट दर्ज की गई।

समय पर उड़ान भरने में IndiGo आगे

देश के 10 प्रमुख एयरपोर्ट पर समय पर उड़ान संचालन के आंकड़ों में IndiGo 91.5 प्रतिशत के साथ सबसे ऊपर रही। Akasa Air का प्रदर्शन 90.5 प्रतिशत और Air India Group का 83.9 प्रतिशत रहा। SpiceJet का ऑन-टाइम प्रदर्शन 17.9 प्रतिशत दर्ज हुआ।

एयरपोर्ट स्तर पर चेन्नई एयरपोर्ट का प्रदर्शन 94.3 प्रतिशत रहा, जबकि कोचीन एयरपोर्ट 80.2 प्रतिशत के साथ इस सूची में सबसे नीचे रहा।

Akasa Air का पैसेंजर लोड फैक्टर सबसे ज्यादा

अगस्त में उपलब्ध सीटों में यात्रियों के भराव यानी पैसेंजर लोड फैक्टर के मामले में Akasa Air 87.6 प्रतिशत के साथ सबसे आगे रही। हालांकि जुलाई में इसका लोड फैक्टर 94.9 प्रतिशत था, यानी अगस्त में इसमें कमी आई।

SpiceJet का लोड फैक्टर 79.9 प्रतिशत और IndiGo का 79.2 प्रतिशत रहा। Air India Group का लोड फैक्टर जुलाई के 83.2 प्रतिशत से घटकर 77 प्रतिशत हो गया। Fly91 का लोड फैक्टर मामूली बढ़कर 75 प्रतिशत हुआ, जबकि Star Air 73.6 प्रतिशत और Alliance Air 58.8 प्रतिशत पर रहे। IndiaOne Air का लोड फैक्टर 44.5 प्रतिशत से बढ़कर 47.5 प्रतिशत हुआ।

अगस्त 2026 के प्रमुख विमानन आंकड़े

  • जनवरी-अगस्त यात्री: 1105.30 लाख यानी करीब 11.05 करोड़
  • सालाना बदलाव: -0.18 प्रतिशत
  • अगस्त की घरेलू उड़ान कैंसिलेशन दर: 1.04 प्रतिशत
  • एयरलाइंस के खिलाफ शिकायतें: 2,132
  • बैगेज संबंधी शिकायतें: 29.5 प्रतिशत
  • सबसे ज्यादा कैंसिलेशन दर: SpiceJet — 20.92 प्रतिशत
  • कैंसिलेशन का सबसे बड़ा कारण: तकनीकी समस्या — 50.2 प्रतिशत
  • दो घंटे से ज्यादा देरी वाली उड़ानें: 1.39 प्रतिशत
  • सबसे ज्यादा दो घंटे से अधिक देरी: SpiceJet — 48.05 प्रतिशत
  • सबसे ज्यादा घरेलू बाजार हिस्सेदारी: IndiGo — 65 प्रतिशत
  • सबसे ज्यादा पैसेंजर लोड फैक्टर: Akasa Air — 87.6 प्रतिशत
  • 10 प्रमुख एयरपोर्ट पर सर्वाधिक ऑन-टाइम प्रदर्शन: IndiGo — 91.5 प्रतिशत

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