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अभ्युदय योजना की नई उड़ान: UP-PCS 2024 में सरकारी कोचिंग के छात्रों ने रचा इतिहास

On: April 2, 2026
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अभ्युदय योजना की नई उड़ान- UP-PCS 2024 में सरकारी कोचिंग
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लखनऊ, 02 अप्रैल 2026। प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की दुनिया में जहां महंगी कोचिंग संस्थानों का दबदबा माना जाता है, वहीं अभ्युदय योजना ने एक बार फिर इस धारणा को चुनौती दी है। UP-PCS 2024 के नतीजों में इस सरकारी पहल से जुड़े छात्रों ने शानदार प्रदर्शन कर यह साबित किया कि सही दिशा और अवसर मिलने पर प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती।

योगी सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना ने न सिर्फ सफलता की नई कहानियां लिखी हैं, बल्कि उन युवाओं के लिए उम्मीद की किरण भी जलाई है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।

7वीं रैंक के साथ हर्ष सिंह बने डिप्टी एसपी, बोले—“योजना ने दिशा दी”

रायबरेली के हर्ष सिंह ने UP-PCS 2024 में 7वीं रैंक हासिल कर डिप्टी एसपी (DSP) पद पर चयन पाकर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि अभ्युदय योजना की प्रभावशीलता का जीवंत उदाहरण बन गई है।

हर्ष बताते हैं कि तैयारी के दौरान विशेषकर मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार में उन्हें जो मार्गदर्शन मिला, वही उनकी सफलता की कुंजी बना। उनके शब्दों में, “यह योजना सिर्फ कोचिंग नहीं, बल्कि एक संपूर्ण मार्गदर्शक है, जो हर कदम पर दिशा दिखाती है।”

उनकी कहानी यह भी बताती है कि अगर मंच सही हो, तो प्रतिभा खुद रास्ता बना लेती है।

नमन तिवारी ने बताया—“महंगी कोचिंग का मजबूत विकल्प बनी योजना”

उन्नाव के नमन तिवारी, जिनका चयन नायब तहसीलदार पद पर हुआ है, इस सफलता को सीधे तौर पर अभ्युदय योजना से जोड़ते हैं। उनका कहना है कि जहां निजी कोचिंग संस्थान लाखों रुपये की फीस लेते हैं, वहीं इस योजना ने मुफ्त में वही गुणवत्ता और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया।

नमन के मुताबिक, “विशेषज्ञ फैकल्टी और सुनियोजित रणनीति ने कठिन सिलेबस को आसान बना दिया। परीक्षा के पैटर्न को समझना और उसके अनुसार तैयारी करना संभव हो पाया।”

उनकी यह बात उन हजारों छात्रों के लिए भरोसा जगाती है, जो आर्थिक कारणों से पीछे रह जाते हैं।

पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बना सहारा

अमरोहा के विजेंद्र सिंह, जिन्होंने 741वीं रैंक हासिल की, ने भी इस योजना की उपयोगिता को रेखांकित किया। उनका कहना है कि अभ्युदय योजना केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा माहौल भी देती है, जहां छात्र बिना किसी आर्थिक दबाव के अपने लक्ष्य पर पूरी तरह फोकस कर सकते हैं।

उन्होंने विशेष रूप से योजना के तहत मिलने वाली आवासीय सुविधाओं और शैक्षणिक वातावरण की सराहना की। “यह योजना हमें सिर्फ पढ़ने का मौका नहीं देती, बल्कि बड़े सपने देखने की हिम्मत भी देती है,” उन्होंने कहा।

बदलती सोच, मजबूत भविष्य की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश

UP-PCS 2024 के परिणामों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अभ्युदय योजना अब सिर्फ एक सरकारी पहल नहीं, बल्कि एक सशक्त सामाजिक बदलाव का माध्यम बन चुकी है। यह उन युवाओं को मंच दे रही है, जो प्रतिभाशाली हैं लेकिन संसाधनों की कमी के कारण पीछे रह जाते थे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह विजन अब जमीनी स्तर पर असर दिखा रहा है—जहां अवसर की समानता केवल नारा नहीं, बल्कि हकीकत बनती दिख रही है।

आने वाले समय में यह योजना न केवल और अधिक युवाओं को प्रेरित करेगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को प्रशासनिक और सामाजिक नेतृत्व के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने का आधार भी बनेगी।

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