लखनऊ/15 जुलाई 2026: राजधानी लखनऊ स्थित अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय (ABVMU) का दूसरा दीक्षांत समारोह बुधवार को उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित हुआ। इस अवसर पर विभिन्न मेडिकल, नर्सिंग, पैरामेडिकल और संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रमों के सफल छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं, जबकि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावियों को मेडल देकर सम्मानित किया गया। डिग्री और सम्मान प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।
ABVMU दीक्षांत समारोह: छात्रों को मिली डिग्री, कुलपति ने मेडिकल कॉलेज शुरू करने की घोषणा की
दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक, राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों को चिकित्सा सेवा में नैतिक मूल्यों, संवेदनशीलता और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करने की शपथ भी दिलाई गई।
कुलपति बोले- अब अपना मेडिकल कॉलेज भी स्थापित करेगा विश्वविद्यालय
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अमित देवगन ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय (ABVMU) अब केवल मेडिकल, नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों को संबद्धता देने तक सीमित नहीं रहेगा। विश्वविद्यालय जल्द ही अपना स्वयं का मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है और जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद यहां एमबीबीएस की पढ़ाई प्रारंभ होगी।
पहले चरण में होंगी 100 MBBS सीटें
डॉ. अमित देवगन ने बताया कि प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज में शुरुआती चरण में एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी। इसके साथ ही बीएससी नर्सिंग और विभिन्न पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों का संचालन भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इससे प्रदेश में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों और योग्य डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। विद्यार्थियों को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और उन्नत अस्पताल सुविधाओं के बीच व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
शिक्षा के साथ मरीजों को भी मिलेगा लाभ
कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की योजना केवल चिकित्सा शिक्षा तक सीमित नहीं है। मेडिकल कॉलेज के साथ विकसित होने वाला अस्पताल आम लोगों को किफायती दरों पर विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएगा।
उनके अनुसार, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा का यह मॉडल प्रदेश में चिकित्सा क्षेत्र को नई दिशा देगा और मरीजों को बेहतर इलाज का विकल्प भी उपलब्ध कराएगा।
चिकित्सा शिक्षा को मिलेगी नई गति
डॉ. देवगन ने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय का अपना मेडिकल कॉलेज शुरू होने से उत्तर प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का दायरा और मजबूत होगा। इससे एक ओर जहां छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाला शैक्षणिक वातावरण मिलेगा, वहीं दूसरी ओर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्रशिक्षित डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का बेहतर आधार मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भविष्य में ABVMU को एक ऐसे समग्र संस्थान के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है, जहां चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और उपचार सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध हों।












