लखनऊ, 15 जुलाई 2026। विश्व युवा कौशल दिवस 2026 के अवसर पर राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशल विकास, रोजगार और प्रदेश की बदली कार्यसंस्कृति को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। इस दौरान उन्होंने वर्ष 2017 से पहले की उत्तर प्रदेश की सरकारों पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश कभी बीमारू राज्य नहीं था, बल्कि उस समय की सरकारों की सोच और कार्यशैली बीमार थी। उन्होंने यहां तक कहा कि “2017 से पहले की तत्कालीन सरकार ही उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी अपशगुनी थी।”
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को सम्मानित करने के बाद आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि आज प्रदेश में युवाओं को पारदर्शी व्यवस्था के तहत रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
‘पहले नौकरी नहीं, सिफारिश और पैसे चलते थे’
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में युवाओं के सामने रोजगार का गंभीर संकट था। सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता का अभाव था और बिना पैसे या प्रभाव के नौकरी मिलना मुश्किल माना जाता था।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी नौकरियों पर एक परिवार का वर्चस्व था और भाई-भतीजावाद तथा भ्रष्टाचार ने पूरी व्यवस्था को प्रभावित कर रखा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले नौ वर्षों में नौ लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सरकारी नौकरी दी है, जबकि सवा तीन करोड़ से अधिक युवा और कारीगर रोजगार तथा स्वरोजगार से जुड़े हैं।
‘यूपी के नाम से लोग चिढ़ते थे’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों की नीतियों के कारण प्रदेश की छवि प्रभावित हुई थी। उनका कहना था कि जब उत्तर प्रदेश का कोई युवा डिग्री या डिप्लोमा लेकर दूसरे राज्यों में जाता था तो उसे अपनी पहचान और सम्मान के लिए संघर्ष करना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की पहचान बदल रही है और कौशल, निवेश तथा रोजगार के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश नई संभावनाओं के साथ आगे बढ़ रहा है।
विश्व युवा कौशल दिवस 2026 की थीम का किया उल्लेख
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष यूनेस्को ने विश्व युवा कौशल दिवस 2026 की थीम “साझा भविष्य के लिए कौशल” निर्धारित की है। उन्होंने कहा कि अवसर तभी साकार होते हैं, जब सरकार की सोच सकारात्मक और दूरदर्शी हो।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे युवा राज्य है और यही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। इस जनसंख्या को कौशल विकास से जोड़कर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सकती है। उनके अनुसार प्रशिक्षित युवा किसी भी चुनौती को अवसर में बदलने की क्षमता रखते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में स्किल डेवलपमेंट को मिली नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहली बार देश में अलग कौशल विकास मंत्रालय का गठन कर स्किल डेवलपमेंट को नई पहचान दी। इससे युवाओं के लिए रोजगार, आत्मनिर्भरता और आर्थिक सशक्तीकरण के नए रास्ते खुले हैं।
उन्होंने कहा कि लगभग दस वर्ष पहले प्रदेश में कौशल विकास, आधुनिक तकनीक और रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। शिक्षा व्यवस्था भी अपेक्षित स्तर पर नहीं थी और युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता था।
कानून-व्यवस्था पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी संतोषजनक नहीं थी। उनके अनुसार बेटियां, व्यापारी और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करते थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार सुरक्षा, सुशासन और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रही है।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जीवन में आवश्यकताओं की एक सीमा होती है। उन्होंने भ्रष्टाचार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि “धन्ना सेठ हो या झोपड़ी में रहने वाला व्यक्ति, रोटी केवल दो ही खाता है। जिसके पास चोरी का पैसा होता है, उसे चैन की नींद भी नहीं आती।”
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कौशल विकास मिशन और आईटीआई से प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की प्रदर्शनी का अवलोकन किया, उनसे संवाद किया और उनके उत्पादों की सराहना करते हुए कहा कि प्रशिक्षित युवा ही आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और विकसित भारत की मजबूत आधारशिला हैं।












