लखनऊ, 15 जुलाई 2026। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से सफर करने वाले यात्रियों के लिए इन दिनों विकल्प पहले की तुलना में कम हो गए हैं। लखनऊ एयरपोर्ट पर विमान सेवाएं लगातार प्रभावित हो रही हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव, अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों पर बढ़ता दबाव और एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की महंगी होती कीमतें मानी जा रही हैं। इन परिस्थितियों का असर यह हुआ है कि कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद करनी पड़ी हैं, जबकि कई घरेलू रूटों पर भी एयरलाइंस ने उड़ानों की संख्या घटा दी है।
एयरपोर्ट से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि कुछ महीने पहले तक जहां प्रतिदिन करीब 120 से अधिक उड़ानों का संचालन हो रहा था, वहीं अब यह संख्या घटकर करीब 86 उड़ानों तक सिमट गई है। यात्रियों की संख्या में भी लगभग 30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
युद्ध का असर, कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें हुईं बंद
अप्रैल और जून के दौरान लखनऊ से मलेशिया के कुआलालंपुर और बैंकॉक के लिए संचालित सीधी उड़ान सेवाएं बंद करनी पड़ीं। वहीं इंडिगो और एयर इंडिया एक्सप्रेस समेत भारतीय विमानन कंपनियों ने खाड़ी देशों के लिए संचालित कुछ सेवाओं को भी फिलहाल स्थगित कर रखा है।
पिछले वर्ष ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बंद हुई लखनऊ-श्रीनगर उड़ान सेवा भी अब तक दोबारा शुरू नहीं हो सकी है। इसका असर पर्यटन और व्यावसायिक यात्राओं पर भी देखा जा रहा है।
घरेलू रूटों पर भी कम हुए फेरे
सिर्फ अंतरराष्ट्रीय सेक्टर ही नहीं, घरेलू उड़ानों की संख्या में भी कमी आई है। नवी मुंबई, दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों के लिए कई उड़ानों के फेरे घटा दिए गए हैं। एयरलाइंस का कहना है कि विमान ईंधन की लगातार बढ़ती लागत के कारण परिचालन खर्च बढ़ा है, जिसके चलते कई रूटों पर उड़ानों का पुनर्गठन करना पड़ा।
हालांकि इसी बीच लखनऊ एयरपोर्ट का संपर्क नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से जुड़ चुका है। इसके अलावा इंडिगो की उड़ान 6E-6552 के जरिए मिजोरम के लेंगपुई एयरपोर्ट (आइजोल) को भी लखनऊ से जोड़ा गया है, जिससे पूर्वोत्तर भारत के लिए कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।
फरवरी की तुलना में काफी घटा संचालन
इस वर्ष फरवरी तक लखनऊ एयरपोर्ट से प्रतिदिन 130 से 140 विमानों का आवागमन होता था। इनमें करीब 20 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल थीं। अब यह संख्या घटकर 90 से 100 विमान प्रतिदिन रह गई है।
बुधवार को एयरपोर्ट पर 43 विमान पहुंचे, जबकि 43 उड़ानों ने लखनऊ से उड़ान भरी, यानी पूरे दिन में कुल 86 उड़ानों का संचालन हुआ। यह पिछले महीनों की तुलना में उल्लेखनीय गिरावट को दर्शाता है।
अबू धाबी के लिए शुरू होगी नई सीधी उड़ान
घटती उड़ानों के बीच यात्रियों के लिए एक राहत की खबर भी है। एयर इंडिया एक्सप्रेस गुरुवार से लखनऊ और अबू धाबी के बीच नई सीधी दैनिक उड़ान सेवा शुरू करने जा रही है।
एयरलाइन के अनुसार फ्लाइट IX-901 दोपहर 3:15 बजे लखनऊ से उड़ान भरकर शाम 5:45 बजे अबू धाबी पहुंचेगी। वहीं वापसी में फ्लाइट IX-902 शाम 6:45 बजे अबू धाबी से रवाना होकर रात 12:20 बजे लखनऊ पहुंचेगी।
यात्रियों को फिलहाल सीमित विकल्प
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होने और विमान ईंधन की कीमतों में स्थिरता आने के बाद ही उड़ान संचालन में फिर से तेजी देखने को मिल सकती है। फिलहाल यात्रियों को कई रूटों पर सीमित विकल्पों के साथ यात्रा की योजना बनानी पड़ रही है, जबकि एयरलाइंस भी मांग और परिचालन लागत के आधार पर अपने नेटवर्क में लगातार बदलाव कर रही हैं।












