लखनऊ, 15 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश की जेलों में न्यायिक प्रक्रिया को अधिक तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। यूपी की जेलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग यूनिट स्थापित करने का अभियान अब तेज कर दिया गया है। जेल निदेशालय ने लक्ष्य तय किया है कि अगले महीने तक प्रदेश की सभी जेलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) यूनिट स्थापित कर दी जाए, ताकि बंदियों की अदालतों में पेशी समयबद्ध और अधिक प्रभावी ढंग से कराई जा सके।
इसी क्रम में बुधवार को महानिदेशक (जेल) पीसी मीणा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जेल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक तकनीक के बेहतर उपयोग से न्यायिक प्रक्रिया को गति देने के साथ-साथ जेल प्रशासन की कार्यक्षमता भी बढ़ाई जाएगी।
यूपी की जेलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग यूनिट से बदलेगी पेशी व्यवस्था
बैठक में डीजी जेल ने कहा कि न्यायालयों में बंदियों की पेशी को समयबद्ध और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी जेलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग यूनिट की उपलब्धता आवश्यक है। इससे हर पेशी के लिए बंदियों को जेल से अदालत तक ले जाने की आवश्यकता कम होगी, जिससे सुरक्षा संबंधी जोखिम भी घटेंगे और प्रशासनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि अगले महीने तक प्रदेश की प्रत्येक जेल इस सुविधा से लैस हो जाए।
सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष जोर
समीक्षा बैठक में केवल तकनीकी सुविधाओं तक ही चर्चा सीमित नहीं रही। डीजी जेल पीसी मीणा ने सभी जेल अधीक्षकों को सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जेल परिसरों के संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जाए और सुरक्षा संबंधी सभी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की सुरक्षा चूक की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक जेल प्रशासन नियमित रूप से सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करता रहे।
कर्मचारियों के आवासों की भी हुई समीक्षा
बैठक के दौरान जेल परिसरों में बने कर्मचारियों के आवासों की स्थिति की भी समीक्षा की गई। डीजी जेल ने अधिकारियों से आवासीय सुविधाओं की जानकारी ली और आवश्यक सुधार कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि जेल कर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
तकनीक और सुरक्षा के समन्वय पर सरकार का फोकस
प्रदेश सरकार जेल प्रशासन में आधुनिक तकनीक के उपयोग को लगातार बढ़ावा दे रही है। सभी जेलों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग यूनिट स्थापित होने के बाद न केवल बंदियों की पेशी की प्रक्रिया अधिक सुगम होगी, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था भी पहले की तुलना में अधिक मजबूत और प्रभावी बन सकेगी। अधिकारियों का मानना है कि इससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आने के साथ-साथ पुलिस और जेल प्रशासन पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी कम होगा।












