आगरा, 28 जून 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि प्रदेश की प्रमुख आधारभूत परियोजनाओं में किसी भी तरह की देरी अब स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने आगरा मेट्रो परियोजना और खेरिया एयरपोर्ट विस्तार का कार्य इसी वर्ष अक्टूबर तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजनाओं का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों कराया जा सके।
कमिश्नरी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी के जनप्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग की परियोजनाएं, सड़क निर्माण, अवैध खनन और आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष फोकस रहा।
विकास कार्यों में भ्रष्टाचार और लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनता के लिए बनने वाली परियोजनाओं में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। सड़क, पुल, मेट्रो और एयरपोर्ट जैसी परियोजनाएं प्रदेश की आर्थिक प्रगति की आधारशिला हैं, इसलिए इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क निर्माण या मरम्मत के दौरान सड़क खोदकर छोड़ देने वाली एजेंसियों और जिम्मेदार संस्थानों के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर दोषियों को जेल भेजने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को अधूरे कार्यों की परेशानी न झेलनी पड़े।
अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों पर सख्ती के निर्देश
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने आगरा मंडल में अवैध खनन की शिकायतों पर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि अवैध खनन में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए तथा इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों को जब्त किया जाए।
उन्होंने कहा कि भारी ओवरलोड वाहन अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों की उन सड़कों से गुजरते हैं, जिन्हें सीमित भार क्षमता के हिसाब से बनाया गया है। इससे सड़कें समय से पहले क्षतिग्रस्त हो जाती हैं और सरकारी धन का नुकसान होता है। ऐसे मामलों में जिम्मेदार लोगों से नुकसान की भरपाई भी कराई जाए।
विधायकों के विकास प्रस्तावों पर जल्द निर्णय लेने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान को निर्देश दिया कि प्रदेशभर के विधायकों द्वारा भेजे गए विकास कार्यों के प्रस्तावों पर शीघ्र निर्णय लिया जाए। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्यों की शुरुआत में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि विकास परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।
समीक्षा बैठक में हल्के-फुल्के अंदाज ने भी खींचा ध्यान
गंभीर समीक्षा बैठक के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सहज और हास्यपूर्ण अंदाज भी देखने को मिला। उन्होंने फतेहपुर सीकरी विधायक चौधरी बाबूलाल को दूसरी जगह बैठे देखकर मुस्कराते हुए कहा, “अरे बाबूलाल जी, आप यहां कैसे बैठ गए? आपकी सीट तो सांसद राजकुमार चाहर के बगल में है।” मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर सभागार में मौजूद जनप्रतिनिधियों के बीच मुस्कान फैल गई।
कुछ देर बाद जब सांसद राजकुमार चाहर और विधायक चौधरी बाबूलाल ने अपने-अपने क्षेत्रों के धार्मिक स्थलों के विकास का प्रस्ताव रखा तो मुख्यमंत्री ने मजाकिया लहजे में कहा, “धर्मस्थल का विकास तो करा दूंगा, लेकिन वादा करिए कि वहां पूजा-पाठ में भी लग जाओगे। अब पूजा-पाठ का समय है।” मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर सभागार में ठहाके गूंज उठे।
नवीन जैन से भी की मजाकिया टिप्पणी
बैठक के दौरान राज्यसभा सदस्य नवीन जैन ने कैंट क्षेत्र की एक सड़क का मुद्दा उठाया। इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कराते हुए कहा, “नवीन जी, इस सड़क से कहीं आपके ही डंपर तो नहीं गुजर रहे?” मुख्यमंत्री की इस टिप्पणी पर सभागार में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच एक बार फिर हंसी का माहौल बन गया।
हालांकि बैठक का मुख्य संदेश स्पष्ट रहा कि विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा तथा प्रदेश की प्रमुख आधारभूत परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।









