लखनऊ, 28 जून 2026। उत्तर प्रदेश में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों, अस्पतालों, चिकित्सा संस्थानों तथा होटलों की फायर एनओसी (Fire NOC) का तत्काल सत्यापन कराया जाए। जिन संस्थानों की एनओसी की वैधता जल्द समाप्त होने वाली है या जिनके पास अब तक वैध फायर एनओसी नहीं है, उन्हें समय रहते नोटिस जारी किया जाए ताकि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जनसुरक्षा के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी जिलाधिकारी संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर फायर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन कराएं।
जनसुरक्षा के मुद्दे पर सरकार का सख्त रुख
रविवार को आगरा और हाथरस के दौरे से लौटने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक की। बैठक में एक्सप्रेसवे, औद्योगिक अवसंरचना, ऊर्जा, ग्रामीण आजीविका, कृषि, डाटा सेंटर और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग नेटवर्क समेत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि सभी विकास परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर और निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने दोहराया कि विकास कार्यों में देरी या लापरवाही प्रदेश की प्रगति को प्रभावित करती है, इसलिए जवाबदेही तय करना आवश्यक है।
फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक 1339.04 हेक्टेयर भूमि में से 1135.57 हेक्टेयर, यानी लगभग 84.80 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि नए एक्सप्रेसवे केवल परिवहन परियोजनाएं नहीं हैं, बल्कि भविष्य के औद्योगिक विकास की मजबूत आधारशिला भी बनेंगे। इसलिए इनके किनारे औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए समय रहते पर्याप्त भूमि उपलब्ध कराई जाए।
कई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक के दौरान आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल, झांसी लिंक, जेवर लिंक, मेरठ-हरिद्वार, विंध्य, विंध्य-पूर्वांचल और नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए।
साथ ही ग्रेटर नोएडा में प्रस्तावित मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब परियोजनाओं के लिए शेष भूमि अधिग्रहण और डेवलपर चयन की प्रक्रिया भी समयबद्ध ढंग से पूरी करने को कहा।
ईवी चार्जिंग नेटवर्क और ग्रामीण आजीविका पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में ईवी चार्जिंग स्टेशनों का व्यापक नेटवर्क तैयार करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने निजी निवेश को बढ़ावा देने, अनुमतियों की प्रक्रिया सरल बनाने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विस्तार करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत चयनित स्थानों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाने की प्रगति की भी जानकारी दी गई।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत राज्य, जिला और विकास खंड स्तर पर रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश भी दिए गए।
बिजली चोरी और लाइन लॉस पर भी सख्त निर्देश
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने मेरठ, आगरा और सहारनपुर मंडलों में फीडरवार लाइन लॉस की स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश देते हुए कहा कि जहां भी बिजली चोरी की शिकायतें मिलें, वहां विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि ईमानदार बिजली उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए।
लखनऊ में हाईटेंशन लाइन हटाने का कार्य होगा तेज
बैठक में लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में सीवर लाइन और मैनहोल के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों को हटाने तथा उनके पृथक्करण का कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता केवल विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ाना नहीं, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और जवाबदेह प्रशासन सुनिश्चित करना भी है।









