आगरा, 28 जून 2026। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को आगरा में विकास कार्यों और कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान साफ संदेश दिया कि प्रदेश में सड़क और अन्य निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी परियोजना में घटिया निर्माण या अनियमितता पाई गई तो संबंधित इंजीनियरों और ठेकेदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
कमिश्नरी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं, सड़क निर्माण, आधारभूत सुविधाओं और विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति का विस्तार से जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से बनने वाले हर निर्माण कार्य में गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ओवरलोड डंपरों से खराब हुई सड़कों का हर्जाना वसूलने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने राजस्थान की सीमा से आने वाले ओवरलोड डंपरों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे वाहनों से क्षतिग्रस्त हुई ग्रामीण सड़कों की पहचान की जाए और सड़क मरम्मत का खर्च संबंधित डंपर संचालकों से ही वसूला जाए। साथ ही सड़क निर्माण के दौरान रोड कटिंग के बाद समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि सीएम ग्रिड योजना समेत सभी विकास परियोजनाओं में कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप ही पूरे किए जाएं ताकि भविष्य में जनता को परेशानी का सामना न करना पड़े।
खेरिया एयरपोर्ट और आगरा मेट्रो परियोजना समय पर पूरी करने पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ दोपहर करीब 1:45 बजे आगरा पहुंचे और समीक्षा बैठक में खेरिया एयरपोर्ट विस्तार, सिविल एन्क्लेव और आगरा मेट्रो परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इन परियोजनाओं में यदि किसी प्रकार की प्रशासनिक, तकनीकी या कानूनी बाधा आ रही है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी और सभी परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर पूरी होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी में प्रभावी पैरवी करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन विकास परियोजनाओं से जुड़े मामले सुप्रीम कोर्ट या राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में लंबित हैं, उनकी प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए अनुभवी अधिवक्ताओं का पैनल तैयार करने की भी बात कही, ताकि कानूनी कारणों से विकास कार्य प्रभावित न हों।
उन्होंने यह भी कहा कि जहां सड़क चौड़ीकरण में पुराने पेड़ बाधा बन रहे हैं, वहां पेड़ों को नुकसान पहुंचाए बिना उपलब्ध भूमि पर चौड़ीकरण का व्यावहारिक प्रस्ताव तैयार किया जाए।
मेट्रो सिटी के अनुरूप विकसित हों बुनियादी सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगरा अब मेट्रो सिटी की श्रेणी में है, इसलिए यहां पानी, सड़क, सीवर, यातायात और सुंदरीकरण जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास भी उसी स्तर का होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को समग्र कार्ययोजना बनाकर तेजी से काम करने के निर्देश दिए ताकि शहर की आधारभूत संरचना मजबूत हो सके।
अवैध खनन और बेसहारा पशुओं पर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पड़ोसी राज्यों से हो रहे अवैध खनन और बेसहारा पशुओं की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश और राजस्थान के प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर संयुक्त कार्रवाई की जाए, ताकि इन समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के निर्माण में तकनीक अपनाने पर दिया जोर
बैठक में गोवर्धन परिक्रमा मार्ग की खराब स्थिति का मुद्दा भी सामने आया। मुख्यमंत्री ने इसे प्राथमिकता पर लेते हुए आधुनिक तकनीक से सड़क निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिक्रमा करने आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सड़क ऐसी बने कि पैदल चलने वालों को तकलीफ या पैरों में छाले जैसी समस्या का सामना न करना पड़े।
बैठक में केंद्रीय पंचायतीराज राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल, प्रभारी मंत्री भूपेंद्र चौधरी, मंत्री जयवीर सिंह, लक्ष्मी नारायण, योगेंद्र उपाध्याय, बेबी रानी मौर्य तथा सांसद राजकुमार चाहर सहित कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।









