त्रिपुरा/05 जून 2026। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा और बिहार में अवैध घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलावों को लेकर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार इन राज्यों में आबादी के स्वरूप में किसी भी तरह के अनुचित बदलाव को स्वीकार नहीं करेगी और सीमा सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है।
त्रिपुरा के लंकामुरा बॉर्डर आउटपोस्ट पर सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को तकनीक के जरिए और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है ताकि अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।
स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट अंतिम चरण में
अमित शाह ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार का महत्वाकांक्षी ‘स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट’ अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस परियोजना के तहत देश के सात से आठ चुनिंदा स्थानों पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। इन परियोजनाओं में आधुनिक निगरानी प्रणाली, उन्नत तकनीकी उपकरण और डिजिटल सुरक्षा तंत्र का उपयोग किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहते हैं तो इस मॉडल को चरणबद्ध तरीके से देश की अन्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर भी लागू किया जाएगा। इससे सीमा सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक मजबूत और प्रभावी बनने की उम्मीद है।
BSF जवानों की भूमिका को सराहा
अपने संबोधन में गृह मंत्री ने BSF जवानों की प्रतिबद्धता, साहस और सेवा भावना की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सीमाओं पर तैनात जवान देश की सुरक्षा की पहली और सबसे महत्वपूर्ण रक्षा पंक्ति हैं। केंद्र सरकार उनके लिए आधुनिक संसाधन, बेहतर सुविधाएं और अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस का संदेश
गृह मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध घुसपैठ को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर लगातार चर्चा हो रही है। शाह के बयान को केंद्र सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के स्पष्ट संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट बॉर्डर प्रोजेक्ट और तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था लागू होने के बाद सीमाओं पर निगरानी और अधिक मजबूत होगी, जिससे अवैध घुसपैठ रोकने में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी मदद मिल सकती है।










