कोलकाता (Fri, 08 May 2026)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी की बड़ी जीत के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कोलकाता में बीजेपी विधायक दल की बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं और जनता का आभार जताया। इस दौरान सुवेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया, जिसके बाद पार्टी खेमे में उत्साह का माहौल दिखाई दिया।
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि बंगाल की जनता ने भय, हिंसा और राजनीतिक दबाव की राजनीति को पीछे छोड़कर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ चुनावी जीत नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की राजनीतिक संस्कृति में बदलाव का संकेत है।
अमित शाह बोले- ‘सोनार बांग्ला’ का सपना अब दूर नहीं
बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि पार्टी के सामने अब सबसे बड़ी जिम्मेदारी बंगाल की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने की है। उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य केवल सरकार बनाना नहीं, बल्कि “सोनार बांग्ला” के उस विजन को जमीन पर उतारना है जिसकी कल्पना लंबे समय से की जाती रही है।
शाह ने कहा, “कम्युनिस्ट शासन के दौर से जो राजनीतिक माहौल बना, उसे बाद की सरकारों ने और गहरा किया। आम लोगों के लिए खुलकर मतदान करना तक मुश्किल हो गया था। लेकिन इस बार बंगाल की जनता ने लोकतंत्र में अपना विश्वास दिखाया है।”
अपने भाषण में उन्होंने कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर की पंक्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि अब बंगाल भयमुक्त वातावरण की ओर बढ़ रहा है, जहां लोग सम्मान और आत्मविश्वास के साथ जी सकेंगे।
‘गंगोत्री से गंगासागर तक भाजपा की सरकार’
अमित शाह ने अपने संबोधन में भाजपा के राजनीतिक विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि आज देश के बड़े हिस्से में भाजपा की सरकारें हैं। उन्होंने कहा, “आज गंगोत्री से गंगासागर तक भाजपा की सरकार है।”
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, शाह का यह बयान भाजपा के राष्ट्रीय विस्तार और पूर्वी भारत में पार्टी की बढ़ती पकड़ को रेखांकित करने वाला माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में मिली सफलता को पार्टी 2026 के बाद की राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी अहम मान रही है।
बंगाल की संस्कृति और विरासत का भी किया जिक्र
केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने भाषण में बंगाल की सांस्कृतिक पहचान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ऐसा बंगाल बनाना चाहती है जो स्वामी विवेकानंद, रामकृष्ण परमहंस, महर्षि अरविंद और रवींद्रनाथ टैगोर के विचारों से प्रेरित हो।
शाह ने कहा कि बंगाल की सांस्कृतिक चेतना हमेशा देश को दिशा देती रही है और भाजपा उसी गौरव को फिर से स्थापित करने की दिशा में काम करेगी। उनके इस बयान को भाजपा की उस रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है जिसमें पार्टी बंगाल की सांस्कृतिक भावनाओं के साथ राजनीतिक संदेश को जोड़ने की कोशिश करती रही है।
23 में से 20 जिलों में भाजपा नंबर-1 पार्टी: अमित शाह
अमित शाह ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल के 23 जिलों में से 20 जिलों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई जिला नहीं बचा जहां भाजपा का विधायक न हो।
इस दौरान शाह ने नंदीग्राम चुनाव का भी जिक्र किया और कहा कि सुवेंदु अधिकारी ने पहले भी ममता बनर्जी को कड़ी चुनौती दी थी। उन्होंने हल्के राजनीतिक अंदाज में कहा कि इस बार “सुवेंदु दा ने दीदी को उनके गढ़ में जाकर हराया है।”
बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच शाह का यह भाषण उत्साह बढ़ाने वाला रहा। पार्टी अब पश्चिम बंगाल में संगठन को और मजबूत करने के साथ नई सरकार के जरिए अपनी राजनीतिक पकड़ स्थायी बनाने की तैयारी में जुट गई है।










