जयपुर, 08 मई 2026। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि आने वाले समय में भविष्य के युद्ध केवल हथियारों की ताकत से नहीं जीते जाएंगे, बल्कि तकनीक, रणनीतिक सोच, सूचना नियंत्रण और बेहतर सैन्य तालमेल निर्णायक भूमिका निभाएंगे। उन्होंने सैन्य कमांडरों से कहा कि युद्ध के मैदान में दुश्मन को हमेशा “सरप्राइज” देने की क्षमता बनाए रखें।
शुक्रवार को जयपुर में आयोजित संयुक्त सैन्य कमांडर सम्मेलन में रक्षा मंत्री ने तीनों सेनाओं की युद्ध तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों की कार्रवाई, सूझबूझ और त्वरित प्रतिक्रिया की सराहना की।
भविष्य के युद्ध में तकनीक और डेटा की होगी बड़ी भूमिका
सम्मेलन को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा हालात सेना के सामने नई चुनौतियां पेश कर रहे हैं। ऐसे में भारतीय सेना को पारंपरिक युद्ध रणनीतियों से आगे बढ़कर नई तकनीकों को तेजी से अपनाना होगा।
उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्ध अब केवल सीमाओं तक सीमित नहीं रहेंगे। साइबर स्पेस, अंतरिक्ष, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक डोमेन और सूचना युद्ध आने वाले संघर्षों का अहम हिस्सा बनने जा रहे हैं। रक्षा मंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वायत्त प्रणालियों और डेटा एनालिटिक्स को सैन्य क्षमता का नया आधार बताया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि सुरक्षित संचार नेटवर्क और रियल टाइम सूचना साझा करने की क्षमता भविष्य की लड़ाइयों में निर्णायक साबित होगी। उनके मुताबिक आधुनिक युद्धों में सूचना पर नियंत्रण उतना ही महत्वपूर्ण होगा जितना सैन्य ताकत।
ऑपरेशन सिंदूर को बताया नए सैन्य लोकाचार का प्रतीक
रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भारत की बढ़ती सैन्य क्षमताओं और राष्ट्रीय संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेनाओं ने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए बेहद सटीक और तेज कार्रवाई करके दुनिया को अपनी क्षमता का संदेश दिया है।
उन्होंने कमांडरों से कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से मिली सीख को भविष्य की रणनीतियों में शामिल किया जाए। साथ ही वर्तमान वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य का गहराई से अध्ययन कर सेना को हर स्थिति के लिए तैयार रखा जाए।
‘हथियारों से ज्यादा जरूरी होगी सोच और तालमेल’
राजनाथ सिंह ने तीनों सेनाओं के बीच बढ़ते समन्वय की सराहना करते हुए कहा कि आधुनिक युद्धों में संयुक्तता सबसे बड़ा हथियार बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि सेना को केवल हथियारों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए, बल्कि नई रणनीतिक सोच विकसित करनी होगी।
उन्होंने कहा, “भविष्य के युद्ध केवल हथियारों से नहीं जीते जाएंगे। इसके लिए इनोवेशन, रणनीतिक सोच और तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत होगी।”
रक्षा मंत्री ने सैन्य अधिकारियों को सलाह दी कि वे हर परिस्थिति में दुश्मन को चौंकाने वाली रणनीतियों पर काम करें। उनके अनुसार युद्ध में अप्रत्याशित कदम अक्सर निर्णायक बढ़त दिलाते हैं।
सेना के आधुनिकीकरण पर सरकार का पूरा फोकस
रक्षा मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सेना को अत्याधुनिक हथियार, प्लेटफॉर्म और नई तकनीक उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में रिसर्च और स्वदेशी तकनीक विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है ताकि भारत भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का मजबूती से सामना कर सके। राजनाथ सिंह ने भरोसा दिलाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।












