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बेंगलुरु-पुणे होगा अगला बुलेट ट्रेन कॉरिडोर! अश्विनी वैष्णव ने दिए संकेत, 73 मिनट में पहुंचेंगे चेन्नई

On: November 2, 2026
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बेंगलुरु-पुणे होगा अगला बुलेट ट्रेन कॉरिडोर
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बेंगलुरु/02 नवंबर 2026: भारत में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार को लेकर बड़ी संभावनाएं सामने आ रही हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु-पुणे बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को लेकर संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में देश में कई नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इनमें बेंगलुरु से हुब्बली होते हुए पुणे तक का प्रस्तावित मार्ग भी शामिल हो सकता है। इस बीच बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की पहली सेवा को भी हरी झंडी दिखाई गई।

रेल मंत्री के मुताबिक, प्रस्तावित दक्षिणी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बेंगलुरु, हैदराबाद, अमरावती और चेन्नई जैसे प्रमुख आर्थिक एवं तकनीकी केंद्रों को जोड़ेगा। इससे दक्षिण भारत में यात्रा का समय घटने के साथ क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।

बेंगलुरु से पुणे तक हाई-स्पीड रेल की तैयारी

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करीब 4,000 किलोमीटर के बुलेट ट्रेन कॉरिडोर को मंजूरी दी है। आने वाले वर्षों में 3,000 किलोमीटर के अतिरिक्त हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा किए जाने की संभावना है।

उन्होंने बेंगलुरु-पुणे मार्ग का उल्लेख करते हुए कहा कि इस तरह के कई अन्य कॉरिडोर भी विकसित किए जाएंगे। प्रस्तावित मार्ग बेंगलुरु से शुरू होकर हुब्बली के रास्ते पुणे तक पहुंच सकता है। इससे कर्नाटक के विभिन्न क्षेत्रों को हाई-स्पीड रेल नेटवर्क से जोड़ने का रास्ता खुलेगा।

हालांकि, बेंगलुरु-पुणे कॉरिडोर की अंतिम मंजूरी, विस्तृत मार्ग और निर्माण समयसीमा को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

बेंगलुरु से चेन्नई की दूरी 73 मिनट में होगी पूरी

रेल मंत्री ने दक्षिणी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के संभावित यात्रा समय का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में बेंगलुरु से चेन्नई की यात्रा महज 73 मिनट यानी एक घंटा 13 मिनट में पूरी हो सकेगी।

उन्होंने कहा कि इतनी तेज कनेक्टिविटी से दोनों शहर लगभग एक-दूसरे के करीब आ जाएंगे। प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के तहत बेंगलुरु से हैदराबाद की यात्रा में करीब दो घंटे 10 मिनट लगने का अनुमान है।

दक्षिण भारत के प्रमुख शहरों के बीच तेज रेल संपर्क से कारोबार, रोजगार, पर्यटन और तकनीकी क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि, ये यात्रा समय प्रस्तावित परियोजनाओं के पूरा होने और परिचालन शुरू होने के बाद ही वास्तविकता बनेंगे।

बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस को हरी झंडी

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बेंगलुरु और मुंबई के बीच वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस की पहली सेवा को हरी झंडी दिखाई। उद्घाटन विशेष ट्रेन बेंगलुरु के सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल (SMVT) से रवाना हुई।

16 कोच वाली इस ट्रेन में आठ मोटर कार और चार ट्रेलर कार कोच शामिल होने की जानकारी दी गई है। उद्घाटन विशेष सेवा के सोमवार सुबह 6:15 बजे मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पहुंचने का कार्यक्रम बताया गया।

रेल मंत्री ने यह भी घोषणा की कि कर्नाटक के लिए अगली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बेंगलुरु से संचालित की जाएगी। यह उत्तर कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों को हुब्बली के रास्ते पुणे और मुंबई से जोड़ेगी।

बेंगलुरु-मंगलुरु वंदे भारत सेवा भी जल्द

कर्नाटक के रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बेंगलुरु-मंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस भी शुरू की जाएगी। रेल मंत्री के अनुसार, इस मार्ग पर विद्युतीकरण और परीक्षण का काम पूरा हो चुका है।

उन्होंने कहा कि यह सेवा अगले कुछ हफ्तों में शुरू हो सकती है। इससे राज्य के तटीय क्षेत्र और राजधानी बेंगलुरु के बीच तेज रेल संपर्क उपलब्ध होने की उम्मीद है।

बेंगलुरु में बन रही भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन

भारत की हाई-स्पीड रेल तकनीक को स्वदेशी क्षमता से जोड़ने की दिशा में भी काम जारी है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) के लिए भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का निर्माण बेंगलुरु स्थित भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) के संयंत्र में किया जा रहा है।

रेल मंत्रालय के अनुसार, इस ट्रेन को भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप विकसित किया जा रहा है। इसके डिजाइन में आधुनिक तकनीक, यात्रियों की सुविधा, सुगम पहुंच और परिचालन दक्षता को प्राथमिकता दी गई है।

हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं का विस्तार केवल तेज यात्रा तक सीमित नहीं है। इससे देश के प्रमुख आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क मजबूत होगा और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिल सकती है। बेंगलुरु-पुणे जैसे प्रस्तावित कॉरिडोर इस व्यापक योजना का अहम हिस्सा बन सकते हैं।

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