भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत नई दिल्ली एक बार फिर वैश्विक शहरी विकास संवाद का केंद्र बन गई है। राजधानी स्थित सुषमा स्वराज भवन में गुरुवार को 13वें BRICS शहरीकरण फोरम का शुभारंभ हुआ, जहां 10 देशों के मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और शहरी विकास विशेषज्ञ अगले दो दिनों तक भविष्य के शहरों की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे।
केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने फोरम का उद्घाटन करते हुए कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में शहर केवल आर्थिक गतिविधियों के केंद्र नहीं रह गए हैं, बल्कि सतत विकास, सामाजिक समावेशन और जलवायु अनुकूलन की प्रयोगशालाएं भी बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता वैश्विक विकास एजेंडे में शहरी मुद्दों को और अधिक मजबूती से स्थापित करने का अवसर प्रदान कर रही है।
BRICS शहरीकरण फोरम में 10 देशों की भागीदारी
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित इस प्रतिष्ठित फोरम में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ इंडोनेशिया, मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इन देशों के नीति-निर्माता और विशेषज्ञ शहरीकरण से जुड़ी चुनौतियों और संभावनाओं पर अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।
भारत के लिए यह आयोजन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि देश चौथी बार BRICS शहरीकरण फोरम की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले वर्ष 2013 में नई दिल्ली, 2016 में विशाखापत्तनम और 2021 में वर्चुअल माध्यम से इसका आयोजन किया जा चुका है।
‘लोगों के लिए शहर’ बनी चर्चा की केंद्रीय थीम
इस वर्ष फोरम की थीम “लोगों के लिए शहर: समावेशी और लचीले शहरी भविष्य के लिए BRICS सहयोग” रखी गई है। बदलते जलवायु परिदृश्य, बढ़ती आबादी और संसाधनों पर बढ़ते दबाव के बीच यह विषय सदस्य देशों के लिए बेहद प्रासंगिक माना जा रहा है।
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने समावेशी शहरी विकास, आपदा-रोधी बुनियादी ढांचे, डिजिटल नवाचार और मजबूत स्थानीय संस्थानों को भविष्य के शहरों की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे शहरों का निर्माण जरूरी है जो नागरिकों की जरूरतों के अनुरूप हों और आने वाली पीढ़ियों के लिए भी टिकाऊ साबित हों।
भारत के शहरी परिवर्तन की कहानी दुनिया के सामने
फोरम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने “इंडियाज अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन: स्टोरीज ऑफ चेंज” नामक विशेष पुस्तक का विमोचन भी किया। यह पुस्तक देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू सफल शहरी विकास पहलों और नवाचारों का दस्तावेज है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट अवसंरचना, सार्वजनिक सेवाओं के डिजिटलीकरण और नागरिक-केंद्रित योजनाओं के माध्यम से भारत ने पिछले कुछ वर्षों में शहरी विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। पुस्तक इन्हीं अनुभवों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करती है।
भारत-रूस के बीच सतत शहरी विकास पर चर्चा
फोरम के समानांतर भारत और रूस के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक भी आयोजित की गई। बैठक की सह-अध्यक्षता केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और रूस के निर्माण एवं आवास उप मंत्री यूरी मुत्सेनेक ने की।
बैठक में सतत शहरी विकास से जुड़े प्रस्तावित समझौता ज्ञापन (MoU) की प्रगति की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने इसे जल्द अंतिम रूप देने पर सहमति व्यक्त की। इसके अलावा किफायती आवास, शहरी नियोजन, नगर निकायों के बुनियादी ढांचे और हरित निर्माण तकनीकों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
विदेशी प्रतिनिधियों ने देखा नए भारत का शहरी स्वरूप
कार्यक्रम के अंतिम चरण में विभिन्न देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने नई दिल्ली के प्रमुख शहरी विकास स्थलों का दौरा किया। विदेशी मेहमानों ने नए संसद भवन और कर्तव्य पथ परिसर का भ्रमण कर राजधानी में हुए व्यापक शहरी बदलावों को करीब से देखा।
यह दौरा केवल औपचारिकता नहीं था, बल्कि भारत के बदलते शहरी परिदृश्य को वैश्विक समुदाय के सामने प्रदर्शित करने का अवसर भी बना। प्रतिनिधियों ने आधुनिक अवसंरचना, सार्वजनिक स्थानों के पुनर्विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
दो दिवसीय BRICS शहरीकरण फोरम के दौरान सदस्य देश भविष्य के समावेशी, सुरक्षित और टिकाऊ शहरों के निर्माण को लेकर साझा रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मंच से निकले विचार आने वाले वर्षों में वैश्विक शहरी विकास नीतियों को नई दिशा दे सकते हैं।










