लखनऊ/23 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने रविवार को समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्य स्तरीय रसोइया सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश का जिक्र करते हुए सपा पर गरीबों की अनदेखी और परिवार केंद्रित राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि अगले विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता समाजवादी पार्टी को हमेशा के लिए ‘साफ’ कर देगी।
योगी ने अखिलेश यादव के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें सपा प्रमुख ने अपने परिवार के कई सदस्यों के सांसद होने का जिक्र किया था। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि सपा की मौजूदा स्थिति का जवाब जनता चुनाव में देगी।
सीएम योगी आदित्यनाथ बोले- सपा के एजेंडे में गरीब नहीं था
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार स्कूलों में भोजन बनाने वाली रसोइया माताओं-बहनों को केवल मानदेय ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा देने की दिशा में भी काम कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी पहल पहले क्यों नहीं हुई।
योगी ने आरोप लगाया कि पिछली समाजवादी पार्टी सरकार के एजेंडे में गरीब कोई मुद्दा नहीं था। उनके मुताबिक सरकार के पास यदि इच्छाशक्ति और संसाधन हों तो गरीब, महिला और श्रमिक वर्ग से जुड़े कल्याणकारी काम किए जा सकते हैं।
रसोइया सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने रसोइयों के लिए सुविधाओं और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार उन लोगों के सम्मानजनक जीवन के लिए काम कर रही है, जो सरकारी योजनाओं को जमीन पर लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अखिलेश यादव को ‘बबुआ’ कहकर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए उन्हें ‘बबुआ’ कहकर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख ने अपने परिवार के सदस्यों के सांसद होने को पार्टी के बने रहने से जोड़कर बयान दिया है।
योगी ने इसी पर पलटवार करते हुए कहा कि आने वाले चुनाव में जनता समाजवादी पार्टी को हमेशा के लिए साफ कर देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार के हितों को प्राथमिकता देने के कारण प्रदेश के गरीब और आम लोग पीछे छूट गए।
मुख्यमंत्री के इस बयान ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश की राजनीति में सपा और भाजपा के बीच जारी तीखी बयानबाजी को सामने ला दिया है।
अखिलेश के डेली रूटीन पर भी सीएम योगी का तंज
योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की कार्यशैली पर भी व्यंग्य किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई दोपहर 12 बजे सोकर उठे, दो बजे तैयार हो, शाम पांच बजे व्यायामशाला जाए और उसके बाद महफिल जमाए, तो प्रदेश के लिए काम करने का समय कब मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार लगातार योजनाओं और विभागीय कार्यों को आगे बढ़ाने में जुटी है। उनके अनुसार प्रदेश के विकास के लिए निरंतर काम करना पड़ता है और इसका असर अब जमीन पर दिखाई दे रहा है।
अखिलेश यादव बोले- ‘आरक्षण था, आरक्षण है, आरक्षण रहेगा’
सीएम योगी के बयान से एक दिन पहले शनिवार को अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरक्षण को लेकर भाजपा पर निशाना साधा था।
सपा प्रमुख ने कहा था, ‘आरक्षण था, आरक्षण है, आरक्षण रहेगा।’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा आरक्षण को समाप्त करना चाहती है। अखिलेश ने आरक्षण को PDA समाज का अधिकार बताते हुए कहा कि आरक्षण में समीक्षा और सुधार जैसे शब्दों के इस्तेमाल के पीछे पीडीए समाज के खिलाफ साजिश की जा रही है।
आरक्षण का मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। ऐसे में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और सपा के बीच इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।
2017 से पहले और अब के यूपी की तुलना
मुख्यमंत्री योगी ने अपने संबोधन में 2017 से पहले और मौजूदा उत्तर प्रदेश की तुलना भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान गरीबों की जमीनों पर कब्जे होते थे, बेटियों की सुरक्षा को लेकर खतरा रहता था और दंगे आम बात थे।
योगी ने दावा किया कि अब उत्तर प्रदेश दंगा और कर्फ्यू मुक्त है और बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण विकास परियोजनाओं को गति मिली है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है।
‘ऑपरेशन कायाकल्प’ से स्कूलों में सुविधाओं का दावा
मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले कई सरकारी स्कूल बदहाल स्थिति में थे, जबकि अब ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 19 मानकों के आधार पर विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं के जरिए सरकार समाज के उन वर्गों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है, जो लंबे समय से सरकारी योजनाओं के लाभ की प्रतीक्षा करते रहे हैं।









