लखनऊ/23 अगस्त 2026। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूलों के जर्जर भवन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही तस्वीरों और वीडियो पर विपक्ष को निशाने पर लिया। रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में पुराने और जर्जर स्कूल भवनों की जगह नए भवन बनाए गए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिनके इशारे पर आज स्कूलों के जर्जर भवन दिखाए जा रहे हैं, वे दरअसल उन्हीं के स्मारक हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत पुराने और जर्जर भवनों को नए भवनों में बदला गया है। सरकार का उद्देश्य केवल भवनों का निर्माण करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।
स्कूलों के जर्जर भवन पर बोले सीएम- नई शिक्षा व्यवस्था नकलमुक्त
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की नई शिक्षा व्यवस्था ‘नकलमुक्त और अकल से युक्त’ है। अब परीक्षाएं समय पर हो रही हैं और परिणाम भी जल्द जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 से पहले परीक्षा, परिणाम, अवकाश और कर्फ्यू जैसी परिस्थितियों के कारण विद्यार्थियों को पर्याप्त पढ़ाई का अवसर नहीं मिल पाता था।
मुख्यमंत्री के मुताबिक अब परीक्षा प्रक्रिया को काफी कम समय में पूरा किया जा रहा है। परीक्षा के बाद करीब 14-15 दिनों में परिणाम घोषित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में बदलाव के जरिए प्रदेश के युवाओं की क्षमता को कौशल में बदलने का प्रयास किया जा रहा है।
‘18 घंटे काम करते हैं, तभी योजनाओं का परिणाम आता है’
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार में शामिल लोग लंबे समय तक काम करते हैं और विभागों तथा योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करते हैं। इसी का परिणाम योजनाओं के धरातल पर दिखाई देता है।
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अगर कोई दोपहर में उठे, दो बजे तैयार हो और शाम को जिम जाने के बाद महफिल लगाए तो काम कब करेगा। हालांकि, मुख्यमंत्री ने इसी दौरान रसोइया माताओं-बहनों, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं, गांव के चौकीदारों, होमगार्ड और पीआरडी जवानों के योगदान की भी सराहना की।
उन्होंने कहा कि सरकार इन कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं के सम्मानजनक जीवन तथा मानदेय में वृद्धि के लिए काम कर रही है। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि के साथ शिक्षकों को कैशलेस स्वास्थ्य सुरक्षा और दुर्घटना बीमा कवर भी उपलब्ध कराया गया है।
सपा को अगले चुनाव में जनता साफ कर देगी: योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीब पहले समाजवादी पार्टी के एजेंडे में नहीं था। उन्होंने अखिलेश यादव के परिवार को लेकर दिए गए बयान पर भी तंज कसा। योगी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान प्रदेश में जमीन कब्जे, कानून-व्यवस्था और दंगों की समस्याएं थीं तथा विकास कार्य प्रभावित हुए।
उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में दंगा और कर्फ्यू की स्थिति नहीं है, इसलिए विकास के काम दिखाई दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
3.54 लाख रसोइया बहनों को चार बड़े उपहार
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 3.54 लाख रसोइया बहनों के लिए चार महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि रसोइयों का मासिक मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये किया जाएगा।
इसके अलावा घटना या दुर्घटना की स्थिति में रसोइयों और उनके परिवार को भारतीय स्टेट बैंक के माध्यम से दो लाख रुपये की सहायता तथा प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई। परिधान के लिए मिलने वाली राशि को भी 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है।
इन घोषणाओं को सरकार की ओर से स्कूलों में मध्याह्न भोजन व्यवस्था से जुड़े रसोइयों के लिए आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
‘सपा ने नकल से प्रदेश की अकल नीलाम की’
योगी ने कहा कि एक दौर में नकल को प्रदेश में लगभग जन्मसिद्ध अधिकार बना दिया गया था। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश को अलग पहचान दिलाने का काम किया था, लेकिन बाद की सरकारों में शिक्षा व्यवस्था कमजोर हुई।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार के दौरान रसोइयों, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं, चौकीदारों, महिलाओं तथा गरीबों की समस्याओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने संसाधन जुटाए और इसी कारण विभिन्न वर्गों को सुविधाएं मिल रही हैं।
1.42 लाख स्कूलों में डेढ़ करोड़ बच्चों की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 1.42 लाख विद्यालयों में करीब डेढ़ करोड़ बच्चे अध्ययनरत हैं। ऐसे में स्कूलों की रसोई की स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने रसोइयों से कहा कि बच्चों को निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार समय पर स्वच्छ और पौष्टिक भोजन दिया जाए। भोजन में लापरवाही से फूड प्वॉइजनिंग जैसी स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने रसोई में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश को लेकर भी सावधानी बरतने की बात कही।
उन्होंने बताया कि पीएम पोषण मिशन के तहत छह दिन के मेन्यू में मिलेट्स, स्थानीय व्यंजन और मौसमी फलों को भी शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि साफ-सुथरी रसोई और पौष्टिक भोजन बच्चों के स्वास्थ्य के साथ-साथ रसोइया बहनों के सम्मान से भी जुड़ा विषय है।









