23 अगस्त 2026/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले रसोइयों को सामाजिक सुरक्षा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। रविवार को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में रसोइया सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत भारतीय स्टेट बैंक और बेसिक शिक्षा विभाग के बीच एमओयू हुआ। इसके तहत रसोइयों और उनके परिवारों को दुर्घटना की स्थिति में दो लाख रुपये तक की सहायता का सुरक्षा कवच मिलेगा।
कार्यक्रम सिर्फ योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं रहा। मुख्यमंत्री ने 11 रसोइयों को सम्मानित किया, बच्चों का अन्नप्राशन कराया और छात्राओं के साथ सेल्फी भी ली। माहौल में सरकारी कार्यक्रम की औपचारिकता के साथ बच्चों और रसोइयों के बीच अपनापन भी नजर आया।
रसोइया सामाजिक सुरक्षा के तहत हुआ एमओयू
समारोह में बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा और भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य महाप्रबंधक दीपेश राज ने एमओयू का आदान-प्रदान किया। इस समझौते का उद्देश्य स्कूलों में कार्यरत रसोइयों और उनके परिवारों को दुर्घटना जैसी मुश्किल परिस्थितियों में आर्थिक सहारा उपलब्ध कराना है।
सरकार की इस पहल को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि रसोइये पीएम पोषण योजना के जमीनी स्तर पर अहम हिस्सा हैं। वे रोजाना हजारों सरकारी और परिषदीय विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी निभाते हैं।
कार्यक्रम के दौरान पीएम पोषण योजना की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई।
11 रसोइयों को सम्मान, मिला कैशलेस चिकित्सा कार्ड
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समारोह में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से आईं 11 रसोइयों को सम्मानित किया। उन्हें कैशलेस चिकित्सा कार्ड, बढ़े हुए मानदेय का चेक और परिधान किट प्रदान की गई।
सम्मानित होने वाली रसोइयों में सीतापुर की किरन देवी, लखनऊ की आशा तिवारी, गोरखपुर की सुनीता और रेखा देवी, अलीगढ़ की सुदेश देवी और पिंकी देवी, वाराणसी की सरिता दीक्षित, हरदोई की गीता देवी, लखीमपुर खीरी की सीमा सिंह, उन्नाव की खिलाना और रायबरेली की रेखा शामिल रहीं।
इससे पहले सरकार ने पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत रसोइयों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की घोषणा की है। सरकार का कहना है कि आर्थिक सहायता के साथ स्वास्थ्य और दुर्घटना सुरक्षा देने से रसोइयों के परिवारों को मुश्किल समय में सहारा मिलेगा।
छात्राओं ने मुख्यमंत्री के साथ ली सेल्फी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया और वहां चल रही योजनाओं की जानकारी ली। बच्चों ने मुख्यमंत्री को निपुण तराजू के बारे में जानकारी दी। योगी ने बच्चों से बातचीत की और उन्हें चॉकलेट भी दी।
इसके बाद मुख्यमंत्री मीना मंच के स्टॉल पर पहुंचे। वहां मौजूद छात्राओं ने उनसे सेल्फी लेने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने भी सहजता से उनकी बात मानी और छात्राओं के साथ सेल्फी खिंचवाई। कार्यक्रम का यह पल वहां मौजूद लोगों के लिए खास रहा।
छह माह के बच्चों का कराया अन्नप्राशन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने छह माह के अनीता और मोहम्मद अली का अपने हाथों से अन्नप्राशन कराया। उन्होंने दोनों बच्चों को खीर खिलाई और उन्हें खिलौने भी दिए।
अन्नप्राशन कार्यक्रम के जरिए बच्चों के पोषण और शुरुआती देखभाल से जुड़े संदेश को भी सामने रखा गया। पीएम पोषण और बाल पोषण से जुड़ी योजनाओं का उद्देश्य केवल भोजन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और विकास को बेहतर आधार देना भी है।
रसोइयों के लिए सुरक्षा और सम्मान पर जोर
लखनऊ का यह कार्यक्रम एक व्यापक तस्वीर भी सामने लाता है। स्कूलों में बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने वाली व्यवस्था में रसोइयों की भूमिका अक्सर पर्दे के पीछे रहती है, लेकिन उनकी जिम्मेदारी सीधे बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है।
रसोइया सामाजिक सुरक्षा के तहत दुर्घटना सहायता, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और सम्मान जैसी पहलें इस वर्ग को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। सरकार की कोशिश है कि पीएम पोषण योजना से जुड़े कर्मचारियों को केवल योजना का हिस्सा न माना जाए, बल्कि उन्हें सम्मान और सुरक्षा भी मिले।









