गोरखपुर/26 जून 2026: गोरखपुर में एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लोकार्पण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए विपक्ष पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति चिंताजनक थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने चिकित्सा क्षेत्र में व्यापक सुधार किए हैं। इसी दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि पहले की सरकारें विकास के बजाय “हर जिले में एक माफिया पालने” का काम करती थीं, जबकि मौजूदा सरकार ने “वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज” के संकल्प को जमीन पर उतारा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि प्रदेश के दूर-दराज जिलों तक आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
अब इलाज के लिए बड़े शहरों की दौड़ कम हुई
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय ऐसा था जब पूर्वी उत्तर प्रदेश के मरीजों को गंभीर इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई और लखनऊ का रुख करना पड़ता था। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में एम्स दिल्ली जैसे संस्थानों में पूर्वांचल और बिहार के मरीजों की लंबी कतारें लगती थीं।
उन्होंने वर्ष 2005 का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय गोरखपुर में आईसीयू, डायलिसिस और प्लेटलेट्स सेपरेशन जैसी मूलभूत चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। बाद में वर्ष 2007 में गोरखनाथ चिकित्सालय में पहला 10 बेड का आईसीयू, पहली डायलिसिस मशीन और पहली ब्लड सेपरेटर यूनिट स्थापित की गई। मुख्यमंत्री के अनुसार, आज गोरखपुर में दो दर्जन से अधिक अस्पताल अत्याधुनिक आईसीयू सुविधाओं के साथ मरीजों का इलाज कर रहे हैं।
लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज संचालित होने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार हुआ है। उनके अनुसार, गोरखपुर के अलावा महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, अंबेडकरनगर, बलिया, गाजीपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, मिर्जापुर और चंदौली समेत लगभग सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं, जहां पढ़ाई और अस्पताल दोनों संचालित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल अस्पतालों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि लोगों को उनके जिले के करीब बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है ताकि उन्हें दूसरे शहरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
12 करोड़ लोगों को मुफ्त इलाज मिलने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना और राज्य सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में करीब 12 करोड़ लोगों को निशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है।
इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से हर वर्ष लगभग 1200 से 1500 करोड़ रुपये गंभीर बीमारियों से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों के इलाज पर खर्च किए जा रहे हैं।
एस्ट्रोमेडिक्स अस्पताल से पूर्वांचल को मिलेगी आधुनिक चिकित्सा सुविधा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेतियाहाता स्थित एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की सराहना करते हुए कहा कि यह अस्पताल फोर्टिस हॉस्पिटल के सहयोग से संचालित होगा और पूर्वांचल के लोगों को सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह संस्थान आधुनिक इलाज के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत बनाएगा।
मार्कण्डेय चन्द को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल के संस्थापक स्वर्गीय मार्कण्डेय चन्द को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने शून्य से शिखर तक का प्रेरणादायी सफर तय किया और जीवनभर गोरखपुर तथा गोरक्षपीठ के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी।
उन्होंने कहा कि उनके पुत्र सीपी चन्द और डॉ. अरुण चन्द ने अपने पिता के सपने को आगे बढ़ाते हुए पूर्वांचल को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि एस्ट्रोमेडिक्स आने वाले समय में क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती देगा।








