नई दिल्ली|11 जून 2026: दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। भीषण गर्मी के बीच अब तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का खतरा मंडराने लगा है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने क्षेत्र के कई जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
अधिकारियों के अनुसार अगले कुछ घंटों के दौरान तेज गरज-चमक के साथ बारिश, ओलावृष्टि और 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। मौसम के इस बदलाव को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद समेत कई जिले अलर्ट पर
जारी चेतावनी के मुताबिक दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में मौसम तेजी से खराब हो सकता है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, अलीगढ़, मथुरा, आगरा और अन्य कई जिलों को भी अलर्ट जोन में रखा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना बनी हुई है। ऐसे में खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
100 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
मौसम संबंधी चेतावनी में बताया गया है कि कुछ इलाकों में तेज तूफानी हवाएं 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकती हैं। इस वजह से पेड़ों के गिरने, बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचने और यातायात प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
विशेष रूप से हाईवे और खुले क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित विभागों को भी अलर्ट मोड पर रखा है।
लोगों से घरों में रहने की अपील
प्रशासन ने मौसम की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों से घरों या सुरक्षित इमारतों के भीतर रहने का आग्रह किया है। तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाएं जान-माल के लिए खतरा पैदा कर सकती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम की यह स्थिति कुछ घंटों तक बनी रह सकती है, इसलिए किसी भी अफवाह पर ध्यान देने के बजाय केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करना चाहिए।
क्या करें?
- घरों, कार्यालयों या सुरक्षित इमारतों के भीतर रहें।
- मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें।
- बिजली के खंभों, होर्डिंग्स और बड़े पेड़ों से दूरी बनाए रखें।
- वाहन को सुरक्षित और ढके हुए स्थान पर पार्क करें।
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों में जाने से बचें।
- स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करें।
क्या न करें?
- पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- खुले स्थानों पर मोबाइल या धातु की वस्तुओं का उपयोग न करें।
- जलभराव वाले रास्तों से गुजरने की कोशिश न करें।
- बच्चों और पालतू जानवरों को खुले में न छोड़ें।
- तेज आंधी के दौरान छतों और ऊंचे स्थानों पर जाने से बचें।
गर्मी के बीच मौसम का बदला मिजाज
पिछले कई दिनों से दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश भीषण गर्मी की चपेट में थे। ऐसे में अचानक सक्रिय हुए मौसम तंत्र ने तापमान में राहत की उम्मीद जरूर बढ़ाई है, लेकिन इसके साथ तेज आंधी और तूफान का खतरा भी सामने आया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ घंटों तक सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।










