नई दिल्ली/29 अक्टूबर 2026: दिवाली और छठ पूजा पर घर जाने वाले यात्रियों को रेलवे स्टेशनों पर भारी भीड़ का सामना करना पड़ता है। खासकर दिल्ली के नई दिल्ली और आनंद विहार जैसे प्रमुख स्टेशनों पर त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने से व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती बन जाता है। इसे देखते हुए भारतीय रेलवे ने भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए विशेष योजना तैयार की है। इसके तहत फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS), अतिरिक्त होल्डिंग एरिया, सुरक्षाबलों की तैनाती और ट्रेनों की लाइव मॉनिटरिंग जैसे उपाय किए जाएंगे।
रेलवे का लक्ष्य है कि यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने के लिए अनावश्यक परेशानी न हो और स्टेशनों पर भीड़ को व्यवस्थित रखा जा सके। इसके साथ ही त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स की व्यवस्था भी की गई है।
दिवाली-छठ पर रेलवे की तैयारी: 6,200 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स की व्यवस्था
त्योहारों के दौरान बिहार, उत्तर प्रदेश और पूर्वी भारत के अन्य क्षेत्रों की ओर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। इस दबाव को कम करने के लिए रेलवे ने कुल 6,200 अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी है।
इसमें 3,600 स्पेशल ट्रेन ट्रिप्स शामिल हैं। इसके अलावा, पूर्वी सेक्टर में 42 ट्रेनों को नियमित किए जाने से करीब 2,600 अतिरिक्त ट्रिप्स उपलब्ध होने की बात कही गई है।
इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य त्योहारों के दौरान यात्रियों को अधिक यात्रा विकल्प उपलब्ध कराना और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त भीड़ के दबाव को कम करना है।
हालांकि, यात्रियों को अपनी ट्रेन का समय, ठहराव और टिकट की उपलब्धता यात्रा से पहले रेलवे के आधिकारिक माध्यमों से जांच लेनी चाहिए।
स्टेशनों पर FRS से होगी निगरानी, सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत
दिवाली और छठ के दौरान रेलवे स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए फेशियल रिकग्निशन सिस्टम यानी FRS का इस्तेमाल करने की योजना है। इस तकनीक से निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।
नई दिल्ली और आनंद विहार जैसे व्यस्त स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना विशेष रूप से जरूरी होता है। त्योहारों के समय जब बड़ी संख्या में यात्री एक साथ स्टेशन पहुंचते हैं, तब प्रवेश और निकास के रास्तों पर दबाव बढ़ सकता है।
रेलवे की योजना के तहत तकनीकी निगरानी के साथ सुरक्षा बलों की तैनाती भी बढ़ाई जाएगी। इसका उद्देश्य भीड़ की स्थिति पर नजर रखना, जरूरत पड़ने पर समय रहते कार्रवाई करना और स्टेशन परिसर में सुरक्षा बनाए रखना है।
होल्डिंग एरिया में ट्रेन आने तक इंतजार कर सकेंगे यात्री
त्योहारों के दौरान अक्सर यात्री ट्रेन के निर्धारित समय से काफी पहले स्टेशन पहुंच जाते हैं। इससे प्लेटफॉर्म और प्रवेश द्वारों के आसपास भीड़ जमा होने लगती है। इस समस्या को कम करने के लिए रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त जगह तैयार कर रहा है।
इन होल्डिंग एरिया में यात्री ट्रेन आने तक इंतजार कर सकेंगे। इससे प्लेटफॉर्म पर अनावश्यक भीड़ कम करने और यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने में मदद मिल सकती है।
होल्डिंग एरिया का प्रभावी इस्तेमाल तभी संभव होगा, जब यात्रियों को सही जानकारी मिले और उन्हें निर्धारित समय पर प्लेटफॉर्म तक पहुंचाया जाए। इसके लिए रेलवे को सुरक्षा बलों, स्टेशन कर्मचारियों और परिचालन टीमों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना होगा।
वॉर रूम से ट्रेनों की लाइव मॉनिटरिंग
रेलवे ने त्योहारों के दौरान ट्रेनों के परिचालन पर नजर रखने के लिए वॉर रूम से लाइव मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी की है। इसके जरिए ट्रेनों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी, ताकि परिचालन में आने वाली समस्याओं की पहचान समय रहते की जा सके।
यदि किसी मार्ग पर परिचालन संबंधी परेशानी आती है, तो निगरानी व्यवस्था से संबंधित अधिकारियों को स्थिति की जानकारी देने और आवश्यक कदम उठाने में मदद मिल सकती है।
रेलवे की योजना में अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन, स्टेशनों पर भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था के बीच तालमेल को अहम माना गया है। तकनीकी निगरानी के साथ कर्मचारियों और सुरक्षा बलों की सक्रिय भूमिका भी जरूरी होगी।
यात्रियों के लिए क्या हैं जरूरी बातें?
दिवाली और छठ पर यात्रा करने वाले यात्रियों को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- यात्रा से पहले टिकट और ट्रेन का समय जांच लें।
- स्टेशन पर पहुंचने के लिए पर्याप्त समय रखें, लेकिन अनावश्यक रूप से बहुत पहले पहुंचकर भीड़ न बढ़ाएं।
- रेलवे की ओर से निर्धारित होल्डिंग एरिया और प्रवेश मार्गों का इस्तेमाल करें।
- सुरक्षा जांच और स्टेशन कर्मचारियों के निर्देशों का पालन करें।
- प्लेटफॉर्म, ट्रेन के समय या ठहराव में बदलाव की जानकारी आधिकारिक माध्यमों से लेते रहें।
दिवाली-छठ पर सुरक्षित सफर के लिए रेलवे का बड़ा कदम
त्योहारों के दौरान रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती बड़ी संख्या में यात्रियों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से उनके गंतव्य तक पहुंचाने की होती है। अतिरिक्त ट्रेन ट्रिप्स, होल्डिंग एरिया, फेशियल रिकग्निशन सिस्टम और लाइव मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाएं इस चुनौती से निपटने में मदद कर सकती हैं।
हालांकि, इन इंतजामों की वास्तविक सफलता उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे कर्मचारियों, सुरक्षाबलों और यात्रियों के बीच सहयोग भी जरूरी है।












