लखनऊ (Mon, 13 Oct 2025) — दीपावली और धनतेरस पर अगर आप नया इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए खास है। अब उत्तर प्रदेश में ईवी पर मिलने वाली रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में 100% छूट की अवधि खत्म हो चुकी है। यानी, 14 अक्टूबर से सभी नए EV खरीदारों को Road Tax और Registration Fee दोनों चुकाने होंगे।
14 अक्टूबर से लागू होगा नया Electric Vehicle Tax सिस्टम
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि 10 लाख रुपये तक की कीमत वाले ईवी पर 9 प्रतिशत रोड टैक्स और उससे अधिक कीमत वाले वाहनों पर 11 प्रतिशत टैक्स देना होगा। इसके साथ ही, दोपहिया ईवी के लिए ₹300, जबकि चारपहिया ईवी के लिए ₹600 पंजीकरण शुल्क भी देना अनिवार्य होगा।
दरअसल, इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति 2022 के तहत यह छूट 14 अक्टूबर 2022 से तीन वर्षों के लिए लागू की गई थी। यह अवधि अब पूरी हो रही है। हालांकि, उन ईवी पर छूट जारी रहेगी जिनका निर्माण प्रदेश के भीतर हुआ है। लेकिन हकीकत यह है कि फिलहाल उत्तर प्रदेश में ई-रिक्शा को छोड़कर दोपहिया और चारपहिया ईवी का निर्माण नहीं हो रहा। ऐसे में अधिकांश खरीदारों को अब टैक्स देना ही होगा।
क्यों खत्म हो रही है छूट?
अपर परिवहन आयुक्त (राजस्व) डा. आर.के. विश्वकर्मा ने प्रदेश के सभी आरटीओ और एआरटीओ को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं कि ईवी छूट अवधि 13 अक्टूबर को समाप्त हो रही है। अंतिम दिन आवेदनों की संख्या अधिक हो सकती है, इसलिए पंजीकरण से जुड़ी सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन आवेदकों ने अंतिम तारीख तक आवेदन किया है, उनकी RC बुक (पंजीयन पुस्तिका) तत्काल जारी की जाए ताकि किसी को परेशानी न हो।
दोपहिया और चारपहिया दोनों पर टैक्स अनिवार्य
यदि कोई व्यक्ति 14 अक्टूबर से दोपहिया ईवी खरीदता है, तो उसे वाहन की कीमत का 9% रोड टैक्स और ₹300 रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा।
इसी तरह, चारपहिया ईवी पर यदि कीमत 10 लाख रुपये तक है तो 9% रोड टैक्स और ₹600 रजिस्ट्रेशन शुल्क, जबकि 10 लाख रुपये से अधिक कीमत होने पर 11% टैक्स देना होगा।
सब्सिडी जारी रहेगी, पर शर्तों के साथ
राज्य सरकार ने ईवी को बढ़ावा देने के लिए 2027 तक सब्सिडी योजना को बढ़ा दिया है। फिलहाल,
- दो पहिया ईवी पर ₹5,000,
- चारपहिया ईवी पर ₹1 लाख,
- और ई-बस पर ₹20 लाख तक की सब्सिडी दी जा रही है।
पहले यह योजना 2025 तक सीमित थी, लेकिन बिक्री लक्ष्य पूरा न होने पर 15 जुलाई 2024 को इसमें संशोधन किया गया। अब यह सब्सिडी 2027 तक सशर्त मिलेगी — यानी, केवल तय संख्या के वाहनों को ही यह लाभ दिया जाएगा।
अब तक इतनी गाड़ियों को मिली सब्सिडी
| वाहन वर्ग | सब्सिडी हेतु तय संख्या | अब तक लाभ पाने वाले वाहन |
|---|---|---|
| दोपहिया ईवी | 2,00,000 | चल रही प्रक्रिया |
| चारपहिया ईवी | 25,000 | 17,000 को मिल चुकी |
| ई-बस | 400 | प्रगति पर |
| ई-गुड्स कैरियर | 1,000 | प्रक्रिया जारी |
निष्कर्ष
सरकार का मकसद स्पष्ट है — EV उद्योग को आत्मनिर्भर बनाना, ताकि उत्पादन स्थानीय स्तर पर बढ़े और टैक्स से राज्य को राजस्व भी मिले। लेकिन आम खरीदारों के लिए यह बदलाव जेब पर भारी पड़ सकता है। त्योहारों से पहले इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को अब सावधानीपूर्वक बजट बनाना होगा, क्योंकि नया Electric Vehicle Tax कल यानी 14 अक्टूबर से लागू होने जा रहा है।







