नई दिल्ली, 25 अगस्त 2026। निजी कोचिंग संस्थानों की भारी फीस से परेशान मध्यम वर्गीय परिवारों और छात्रों के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा फ्री कोचिंग नेटवर्क तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 अगस्त के ऐलान के बाद शिक्षा मंत्रालय ने प्रस्तावित व्यवस्था को जमीन पर उतारने के लिए मंथन शुरू कर दिया है।
योजना के तहत देशभर के 12वीं कक्षा तक के स्कूलों और कॉलेजों के साथ कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) को भी इस नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है। शुरुआत में विद्यार्थियों को JEE और NEET-UG जैसी प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। आगे चलकर SSC, UPSC समेत अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं को भी इसके दायरे में लाने की योजना है।
फ्री कोचिंग नेटवर्क से स्कूल, कॉलेज और CSC जुड़ेंगे
प्रस्तावित व्यवस्था का मकसद सिर्फ ऑनलाइन वीडियो उपलब्ध कराना नहीं है। सरकार ऐसा नेटवर्क तैयार करने पर विचार कर रही है, जिसके जरिए छात्र पढ़ाई के दौरान अपने सवाल पूछ सकें और उन्हें जवाब भी मिल सके।
इस नेटवर्क में स्कूल, कॉलेज और CSC अहम भूमिका निभा सकते हैं। खासतौर पर उन छात्रों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी हो सकती है, जिनके पास महंगे निजी कोचिंग संस्थानों तक पहुंच नहीं है।
JEE और NEET-UG से होगी शुरुआत
प्रारंभिक योजना में JEE और NEET-UG को प्राथमिकता दी गई है। ये देश की सबसे प्रतिस्पर्धी प्रवेश परीक्षाओं में शामिल हैं और इनके लिए निजी कोचिंग पर बड़ी रकम खर्च करने वाले विद्यार्थियों की संख्या काफी अधिक है।
बाद के चरण में इस नेटवर्क में SSC और UPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी शामिल किए जाने की योजना है। यानी प्रस्ताव सफलतापूर्वक लागू हुआ तो एक ही डिजिटल ढांचे के जरिए अलग-अलग स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का विकल्प छात्रों को मिल सकता है।
शिक्षा मंत्रालय ने की उच्चस्तरीय बैठक
प्रधानमंत्री के ऐलान के बाद शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मंत्रालय के अधिकारियों के साथ इस योजना को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में IIT कानपुर के सहयोग से पहले से चल रहे ‘साथी’ पोर्टल के अनुभव पर भी चर्चा हुई।
‘साथी’ के जरिए छात्रों को मुफ्त शैक्षणिक सामग्री और परीक्षा की तैयारी से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। हालांकि प्रस्तावित नए नेटवर्क को कहीं बड़े स्तर पर विकसित करने की जरूरत होगी।
1 करोड़ से ज्यादा छात्रों को एक साथ पढ़ाने की तैयारी
मंत्रालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, नए फ्री कोचिंग प्लेटफॉर्म की क्षमता एक करोड़ से अधिक छात्रों को एक साथ पढ़ाने लायक बनाने की योजना है। यह लक्ष्य मौजूदा व्यवस्था की तुलना में काफी बड़ा होगा।
अभी ‘साथी’ पोर्टल पर करीब 20 लाख छात्र पंजीकृत बताए जाते हैं। वहीं JEE और NEET-UG को मिलाकर करीब 35 लाख विद्यार्थी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े रहते हैं। ऐसे में नए नेटवर्क को बड़े पैमाने पर तैयार करने की जरूरत महसूस की जा रही है।
ऑनलाइन के साथ इंटरएक्टिव होगी पढ़ाई
प्रस्तावित नेटवर्क की खासियत यह हो सकती है कि पढ़ाई सिर्फ रिकॉर्डेड लेक्चर तक सीमित नहीं रहेगी। इसे इंटरएक्टिव ऑनलाइन कोचिंग के रूप में विकसित करने की योजना है।
छात्र पढ़ाई के दौरान किसी सवाल या विषय को समझने में दिक्कत होने पर प्रश्न पूछ सकेंगे। उन्हें सहायता उपलब्ध कराने के लिए 24 घंटे की सपोर्ट व्यवस्था तैयार करने पर भी विचार किया जा रहा है।
यह सुविधा खासतौर पर उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है, जिन्हें अपने घर या आसपास गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध नहीं होती।
निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ भी नेटवर्क से जुड़ सकते हैं
नए प्लेटफॉर्म को निजी कोचिंग संस्थानों के मुकाबले प्रभावी बनाने के लिए निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों को जोड़ने पर भी चर्चा चल रही है। इसके अलावा देश के शिक्षण संस्थानों में ऐसे शिक्षकों और विशेषज्ञों की पहचान की जा रही है, जो विद्यार्थियों को मुफ्त में पढ़ाने में सहयोग कर सकें।
सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल बड़ी संख्या में छात्रों को जोड़ना नहीं, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण और लगातार उपलब्ध रहने वाली शिक्षा मुहैया कराना होगी।
फरवरी की JEE Main परीक्षा से पहले लॉन्च की तैयारी
सूत्रों से मिल रहे संकेतों के मुताबिक, प्रस्तावित फ्री कोचिंग नेटवर्क को कुछ ही हफ्तों में लॉन्च किया जा सकता है। कोशिश है कि इसे फरवरी में होने वाली JEE Main परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए समय रहते उपलब्ध कराया जा सके।
अगर यह योजना तय समय पर लागू होती है, तो आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए महंगी कोचिंग का विकल्प तैयार हो सकता है। हालांकि इसकी वास्तविक उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्लेटफॉर्म पर पढ़ाई की गुणवत्ता, विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता और छात्रों के सवालों के जवाब देने की व्यवस्था कितनी प्रभावी रहती है।













