नई दिल्ली/09 जुलाई 2026: देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और केरल सहित कई राज्यों में बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और इमारत गिरने जैसी घटनाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई स्थानों पर जनहानि की भी खबरें सामने आई हैं, जबकि सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ है। इस बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 17 राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, आंधी और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है।
दिल्ली-एनसीआर में लगातार बारिश, कई इलाकों में जलभराव
दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार से जारी बारिश के चलते कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है।
महाराष्ट्र में बारिश बनी बड़ी चुनौती
महाराष्ट्र में लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में हालात गंभीर कर दिए हैं। रायगढ़ स्थित HPCL पातालगंगा LPG बॉटलिंग प्लांट की सुरक्षा दीवार ढहने के बाद बाढ़ का पानी परिसर में घुस गया। इसके चलते करीब 3,000 एलपीजी सिलेंडर पातालगंगा नदी और खारपाड़ा क्रीक में बह गए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वहीं पिंपरी-चिंचवड़ में कचरे के बड़े ढेर के दबाव से एक तीन मंजिला इमारत ढह गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मलबे में 16 लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है। राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने और लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटा है।
बारिश के कारण नासिक में गोदावरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है, जबकि मुंबई में जलभराव के चलते लोकल ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
मध्य प्रदेश में नदी के तेज बहाव में बहा युवक
मध्य प्रदेश में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। बुधवार को राज्य के 27 जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई। दमोह में सबसे अधिक 1.75 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। खरगोन जिले में रूपारेल नदी के तेज बहाव में एक युवक बह गया, जिसकी तलाश के लिए बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
उत्तराखंड में भूस्खलन से बढ़ी परेशानी
उत्तराखंड में बारिश के साथ भूस्खलन की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उत्तरकाशी में नालूपानी क्षेत्र और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन होने से आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं टिहरी जिले में NH-707A के किनारे भूस्खलन की चपेट में आने से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
गुजरात के सूरत में बाढ़ जैसे हालात
गुजरात के सूरत में भारी बारिश के कारण बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। निचले इलाकों में घरों, दुकानों और व्यावसायिक परिसरों में पानी भर गया। प्रशासन के अनुसार अब तक 3,400 से अधिक लोगों को सुरक्षित बचाया गया, जबकि 3,800 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। लगातार बारिश के कारण राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं।
प्रशासन अलर्ट मोड पर, लोगों से सावधानी बरतने की अपील
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए विभिन्न राज्यों के प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को हाई अलर्ट पर रखा है। नदी किनारे रहने वाले लोगों, पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और निचले इलाकों के निवासियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है, इसलिए आवश्यक होने पर ही यात्रा करें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।











