नई दिल्ली/09 जुलाई 2026: देशभर के लिए राहत भरी खबर है। इस बार शुरुआत में धीमी रफ्तार से आगे बढ़ने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरे भारत में सक्रिय हो चुका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार गुरुवार को मानसून ने राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों को भी कवर कर लिया। इसके साथ ही पूरे देश में मानसून की आधिकारिक एंट्री पूरी हो गई है। आने वाले दिनों में दिल्ली, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में तेज बारिश, आंधी और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।
पूरे देश में सक्रिय हुआ दक्षिण-पश्चिम मानसून
आईएमडी के मुताबिक, सामान्य परिस्थितियों में मानसून 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेता है। इस वर्ष केरल में मानसून की शुरुआत 4 जून को हुई थी, जबकि इसकी सामान्य तिथि 1 जून मानी जाती है। शुरुआती देरी के बावजूद मानसून ने पूरे देश को कवर करने में केवल एक दिन अतिरिक्त लिया, जिसे मौसम वैज्ञानिक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।
हालांकि जून महीने में बारिश उम्मीद से काफी कम रही। देशभर में सामान्य के मुकाबले करीब 40 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई, जिससे कई राज्यों में गर्मी और सूखे जैसी स्थिति बनी रही। लेकिन जुलाई की शुरुआत के साथ मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और मौसम का मिजाज तेजी से बदला है।
जुलाई के पहले नौ दिनों में सामान्य से अधिक बारिश
आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई के पहले नौ दिनों में देशभर में औसतन 101.9 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 73.8 मिलीमीटर होता है। यानी शुरुआती नौ दिनों में सामान्य से काफी अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
इस बढ़ी हुई बारिश का असर राष्ट्रीय स्तर पर वर्षा की कमी के आंकड़ों में भी दिखा है। एक जून से नौ जुलाई के बीच देशभर में बारिश की कमी घटकर अब 14 प्रतिशत रह गई है, जो कुछ दिन पहले तक कहीं अधिक थी।
दिल्ली, यूपी समेत कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने के संकेत
मौसम विभाग का कहना है कि मानसून के सक्रिय रहने से उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर तेज बारिश, गरज-चमक, आंधी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
खरीफ की खेती को मिली नई उम्मीद
मानसून की रफ्तार बढ़ने से किसानों के लिए भी राहत की खबर आई है। पिछले कुछ सप्ताह से कम बारिश के कारण कई इलाकों में खरीफ फसलों की बुआई प्रभावित हो रही थी। अब पर्याप्त वर्षा होने से खेतों में नमी बढ़ेगी और बुआई का काम तेजी से आगे बढ़ सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जुलाई के बाकी दिनों में भी मानसून इसी तरह सक्रिय बना रहा, तो खरीफ सीजन की खेती को बड़ा लाभ मिलेगा और जलाशयों के जलस्तर में भी सुधार देखने को मिलेगा।
आईएमडी ने पहले ही जताया था सक्रिय मानसून का अनुमान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 30 जून को जारी अपने मासिक पूर्वानुमान में संकेत दिया था कि जुलाई के शुरुआती सात से दस दिनों के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होगी। मौजूदा स्थिति उसी अनुमान के अनुरूप दिखाई दे रही है। हालांकि विभाग ने यह भी कहा था कि पूरे जुलाई महीने का वर्षा वितरण क्षेत्रवार अलग-अलग हो सकता है, इसलिए मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।












