लखनऊ/06 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व से जुड़े एक अहम फैसले पर मुहर लगा दी है। जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी किए जाने के प्रस्ताव को सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी मिल गई। इस फैसले के साथ शाहजहांपुर जिले के नगर जलालाबाद को जल्द ही ‘परशुरामपुरी’ के नाम से आधिकारिक पहचान मिलेगी। वहीं, कैबिनेट ने अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में अधिक अवसर देने के लिए सीधी भर्ती नियमावली में संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की।
जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी
कैबिनेट बैठक में शाहजहांपुर की नगर पालिका परिषद जलालाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कस्बे जलालाबाद का नाम परशुरामपुरी करने के प्रस्ताव पर सहमति जताई गई। सरकार का कहना है कि यह निर्णय नगर की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
अब संबंधित विभाग अधिसूचना जारी करने समेत सभी प्रशासनिक और विधिक प्रक्रियाएं पूरी करेंगे। इसके बाद सरकारी रिकॉर्ड, विभागीय दस्तावेजों, राजस्व अभिलेखों और अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड में नए नाम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
भगवान परशुराम की जन्मस्थली से जुड़ा है नगर का धार्मिक महत्व
शाहजहांपुर का जलालाबाद लंबे समय से भगवान परशुराम की जन्मस्थली के रूप में जाना जाता रहा है। पौराणिक मान्यताओं और विभिन्न धार्मिक ग्रंथों में भी इस क्षेत्र का उल्लेख मिलता है। इसी कारण स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की ओर से वर्षों से नगर का नाम भगवान परशुराम के नाम पर रखने की मांग की जा रही थी।
राज्य सरकार के अनुसार, भारत सरकार से इस प्रस्ताव पर अनापत्ति मिलने के बाद नाम परिवर्तन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया गया और अब मंत्रिपरिषद ने इसे औपचारिक मंजूरी दे दी है।
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने दी जानकारी
कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि शाहजहांपुर के जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने का प्रस्ताव मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा गया था। विस्तृत विचार-विमर्श के बाद कैबिनेट ने इसे स्वीकृति प्रदान कर दी। अब संबंधित विभाग निर्धारित प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी में मिलेगा बड़ा अवसर
कैबिनेट बैठक में खेल क्षेत्र से जुड़ा एक महत्वपूर्ण फैसला भी लिया गया। उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022 में संशोधन को मंजूरी देते हुए विभिन्न विभागों के चिह्नित पदों को इसमें शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
इस बदलाव के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में सीधी भर्ती के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे। सरकार का मानना है कि इससे खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के अनुरूप रोजगार मिलने का रास्ता और आसान होगा।
खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार का कदम
कैबिनेट मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश में खेल अवसंरचना के विस्तार, खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और खेलों के प्रति युवाओं की बढ़ती रुचि का सकारात्मक असर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में दिखाई दे रहा है। उत्तर प्रदेश के खिलाड़ियों की भागीदारी और पदक जीतने की संख्या लगातार बढ़ रही है।
इसी को ध्यान में रखते हुए वर्तमान नियमावली में शामिल पदों की संख्या बढ़ाने और नए विभागों को शामिल करने की आवश्यकता महसूस की गई। संशोधित व्यवस्था के तहत चयनित खिलाड़ियों की नियुक्तियां लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएंगी।
सरकार का मानना है कि इससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानजनक रोजगार मिलने के साथ-साथ प्रदेश में खेल संस्कृति को भी नई मजबूती मिलेगी।









