लखनऊ, 15 जून 2026: जेवर एयरपोर्ट पहली उड़ान सिर्फ एक विमान सेवा की शुरुआत नहीं थी, बल्कि उन किसानों के लिए भावनाओं से भरा ऐतिहासिक पल भी थी, जिन्होंने कभी अपनी जमीन देकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना का रास्ता प्रशस्त किया था। सोमवार को जब नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली व्यावसायिक उड़ान लखनऊ के लिए रवाना हुई, तो उसमें सवार कई किसानों की आंखों में खुशी, गर्व और संतोष साफ झलक रहा था।
गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर क्षेत्र के वे किसान, जिनकी जमीन पर आज देश के सबसे बड़े उभरते एयरपोर्ट्स में से एक खड़ा है, पहली बार हवाई यात्रा का अनुभव कर रहे थे। किसी ने अपने गांव को आसमान से देखा, तो किसी ने इसे अपने जीवन के सबसे बड़े सपनों में से एक के पूरा होने जैसा बताया।
जेवर एयरपोर्ट पहली उड़ान बनी किसानों के लिए यादगार पल
जेवर निवासी पूनम ने बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि जिस जमीन पर कभी खेती होती थी, उसी जगह से एक दिन वह हवाई जहाज में बैठकर सफर करेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार जताते हुए कहा कि यह अवसर उनके जीवन की सबसे यादगार उपलब्धियों में से एक है।
किसान धर्मवीर शर्मा ने कहा कि क्षेत्र में विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का निर्माण पूरे इलाके के लिए गर्व की बात है। उनके अनुसार, सरकार ने यह साबित किया है कि विकास का लाभ गांव और किसानों तक भी पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा, “हवाई चप्पल पहनने वाले किसान आज हवाई जहाज में सफर कर रहे हैं। यह बदलाव सिर्फ एक परियोजना नहीं, बल्कि सोच में आए परिवर्तन का प्रतीक है।”
किसानों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया श्रेय
लखनऊ पहुंचने के बाद कई किसानों ने इस अनुभव को जीवन का अविस्मरणीय क्षण बताया। किसान हीरा रशीद ने कहा कि हवाई यात्रा उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसी रही। उन्होंने कहा कि यह सब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकासवादी सोच का परिणाम है।
वहीं किसान हाजी जफर ने भी सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि किसानों को सम्मान देने का यह तरीका लंबे समय तक याद रखा जाएगा। उनके अनुसार, पहले जहां लोग गांवों को पिछड़ेपन से जोड़कर देखते थे, वहीं अब जेवर की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बन रही है।
जमीन देने वाले किसानों ने जताया गर्व
एयरपोर्ट परियोजना के लिए भूमि देने वाले किसान इकबाल कल्लू ने कहा कि जब भूमि अधिग्रहण हुआ था, तब कई तरह की आशंकाएं थीं, लेकिन आज उसी एयरपोर्ट से उड़ान भरकर राजधानी पहुंचना गर्व की अनुभूति देता है।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उनका व्यक्तिगत अनुभव नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास का प्रतीक है। किसानों का मानना है कि एयरपोर्ट बनने से रोजगार, व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे, जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियों को मिलेगा।
महिलाओं ने भी साझा किए अपने अनुभव
महिला किसान सुमन ने बताया कि उन्होंने जीवन में पहली बार हवाई जहाज में यात्रा की है। यह सपना वर्षों से उनके मन में था, जो अब जाकर पूरा हुआ है।
वहीं मीनू ने भावुक होकर कहा कि विमान की खिड़की से अपने गांव और खेतों को देखना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि जमीन को आसमान से देखने का एहसास शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
विकास की नई पहचान बन रहा है जेवर
बुजुर्ग किसान जयवीर ने कहा कि किसानों को इस तरह सम्मान देना एक सकारात्मक संदेश है। वहीं जयकरन सिंह का मानना है कि एयरपोर्ट बनने से जेवर की पहचान अब सिर्फ एक गांव या कस्बे तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर स्थापित होगी।
उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट पहली उड़ान के साथ क्षेत्र के विकास का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। इससे रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और औद्योगिक निवेश के अवसर बढ़ेंगे, जिसका लाभ पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को मिलेगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुरू हुई यह पहली व्यावसायिक उड़ान केवल यात्रियों को एक शहर से दूसरे शहर तक नहीं ले गई, बल्कि उन किसानों के सपनों को भी नई ऊंचाई दे गई, जिन्होंने कभी अपनी जमीन देकर इस परियोजना की नींव रखी थी।








