लखनऊ, 26 अक्टूबर 2025 — राजधानी लखनऊ में इस बार छठ महापर्व की भव्यता के साथ एक और खुशखबरी आई है। जिलाधिकारी विशाख जी. अय्यर ने रविवार देर शाम आदेश जारी कर मंगलवार, 28 अक्टूबर को स्थानीय अवकाश (Chhath Puja Holiday) घोषित कर दिया। इस दौरान शहर के सभी सरकारी, अर्द्ध-सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी रहेगी।
छठ पर्व पर राजधानी का माहौल पहले से ही उत्सवमय है। नगर निगम से लेकर जिला प्रशासन तक, सभी विभागों ने तैयारी तेज कर दी है। गोमती तट, कठौता झील, गिलौला झील, वॉटर फ्रंट और झूलेलाल घाट जैसे प्रमुख स्थलों पर साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं।
जिलाधिकारी कार्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि यह अवकाश स्थानीय स्तर पर घोषित किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार पहले ही राज्यभर में 28 अक्टूबर को छठ पर्व के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा कर चुकी है। अब लखनऊ जिला प्रशासन ने भी इसे आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है।
पूर्व जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश के कार्यकाल में भी छठ पर्व पर लखनऊ में स्थानीय अवकाश घोषित किया गया था। परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मौजूदा जिलाधिकारी ने भी वही कदम दोहराया है।
छठ महापर्व सूर्य देव और छठी मैया की आराधना का पर्व है, जिसे बिहार, झारखंड, पूर्वांचल और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में अत्यंत श्रद्धा से मनाया जाता है। इस दौरान महिलाएं 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं और डूबते व उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करती हैं।
लखनऊ में रहने वाले पूर्वांचली समुदाय के हजारों परिवार हर साल इस पर्व को पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ मनाते हैं। गोमती नदी के घाटों पर शाम से ही भीड़ उमड़ने लगती है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की है और घाटों पर रौशनी, बैरिकेडिंग और चिकित्सा टीमों की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है।
छठ पर्व न सिर्फ आस्था का प्रतीक है बल्कि यह सामुदायिक एकता, पर्यावरण शुद्धता और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का पर्व भी माना जाता है। राजधानी में इस पर्व की तैयारियां पूरे जोश और श्रद्धा के साथ चल रही हैं।







