नई दिल्ली, 26 जुलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 136वें एपिसोड में देश की रक्षा क्षमता और स्वदेशी सैन्य तकनीक पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत अब केवल अपने बहादुर सैनिकों के साहस के भरोसे नहीं, बल्कि स्वदेशी रक्षा तकनीकों और आधुनिक सैन्य प्रणालियों के दम पर भी वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री ने INS महेंद्रगिरि, पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट प्रणाली और कुशा मिसाइल का उल्लेख करते हुए आत्मनिर्भर भारत अभियान की उपलब्धियों को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि भारतीय रक्षा क्षेत्र में लगातार बढ़ रही स्वदेशी क्षमता देश की सुरक्षा को नई मजबूती देने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी साकार कर रही है।
INS महेंद्रगिरि आत्मनिर्भर भारत की नई पहचान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय नौसेना में शामिल INS महेंद्रगिरि केवल एक आधुनिक युद्धपोत नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी क्षमता और स्वदेशी रक्षा विनिर्माण का सशक्त उदाहरण है।
उन्होंने बताया कि इस युद्धपोत को भारत में ही डिजाइन और निर्मित किया गया है तथा इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। प्रधानमंत्री के अनुसार, यह परियोजना इस बात का प्रमाण है कि भारत रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर बन रहा है और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार है।
पिनाका रॉकेट प्रणाली का भी किया उल्लेख
‘मन की बात’ के दौरान प्रधानमंत्री ने स्वदेशी रूप से विकसित पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (LRGR-120) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित अत्याधुनिक सटीक निर्देशित तोपखाना रॉकेट प्रणाली है।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस प्रणाली की प्रमाणित मारक क्षमता 60 किलोमीटर से 120 किलोमीटर तक है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय भारतीय वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और रक्षा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों की सामूहिक मेहनत को दिया।
कुशा मिसाइल को बताया नई उपलब्धि
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वदेशी कुशा मिसाइल के सफल उड़ान परीक्षण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह भारत की रक्षा तकनीक में लगातार हो रही प्रगति का महत्वपूर्ण पड़ाव है और इससे देश की स्वदेशी सैन्य क्षमताएं पहले से अधिक मजबूत होंगी।
उन्होंने कहा कि आधुनिक रक्षा प्रणालियों का स्वदेश में विकास भारत को रणनीतिक रूप से अधिक सक्षम बना रहा है और वैश्विक रक्षा क्षेत्र में उसकी विश्वसनीयता भी बढ़ा रहा है।
कारगिल विजय दिवस पर वीर सैनिकों को किया नमन
‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कारगिल विजय दिवस का भी उल्लेख करते हुए 1999 के कारगिल युद्ध के वीर शहीदों और सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि 26 जुलाई ऐसी तारीख है जिसे देश कभी भूल नहीं सकता। कारगिल की दुर्गम चोटियों, कठिन मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच भारतीय सैनिकों ने अद्भुत साहस और पराक्रम का परिचय दिया। मातृभूमि की रक्षा के लिए उन्होंने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, जिसके लिए पूरा देश हमेशा उनका ऋणी रहेगा।
नई पीढ़ी तक पहुंचे वीरता की कहानियां
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत केवल अपने वीर सैनिकों के बलिदान को याद ही नहीं करता, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि उनकी वीरगाथाएं आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचें। उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी जब इन प्रेरक कहानियों को जानेगी, तब उनमें राष्ट्रसेवा, समर्पण और देशभक्ति की भावना और अधिक मजबूत होगी।











