नई दिल्ली/21 जुलाई 2026। लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मंगलवार को NEET पेपर लीक मामले और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि अपने भविष्य को लेकर सवाल पूछने वाले छात्रों पर लाठियां चलाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। राहुल गांधी ने विपक्षी दलों के नेताओं के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मुलाकात कर संसद के मानसून सत्र में इस पूरे मामले पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की।
NEET पेपर लीक पर संसद में चर्चा की मांग, विपक्ष ने सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि विपक्ष चाहता है कि संसद में छात्रों की चिंताओं और NEET पेपर लीक से जुड़े विवाद पर गंभीर चर्चा हो। उन्होंने कहा कि यदि देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा नहीं कर सकती, तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को दबने नहीं देगा और छात्रों की आवाज सड़क से लेकर संसद तक मजबूती से उठाई जाएगी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से की मुलाकात
राहुल गांधी के साथ विपक्षी गठबंधन INDIA के कई सांसद भी लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला से मिले। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि सदन में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई, NEET पेपर लीक और अन्य परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर चर्चा के लिए समय निर्धारित किया जाए।
इसके बाद संसद भवन में विपक्षी दलों की बैठक भी हुई, जिसमें मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे को प्रभावी ढंग से उठाने की रणनीति पर विचार किया गया।
केसी वेणुगोपाल ने शिक्षा मंत्री से मांगा जवाब
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सदन में अपनी भूमिका और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े सवालों पर जवाब दें।
उन्होंने कहा कि NEET और CBSE से जुड़े विवादों के साथ-साथ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस की कार्रवाई भी संसद में चर्चा का विषय बननी चाहिए। वेणुगोपाल ने एक्स पर लिखा कि विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष से इन सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए समय देने का आग्रह किया है।
मल्लिकार्जुन खरगे ने जन्मदिन नहीं मनाया
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में अपना जन्मदिन नहीं मनाने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे युवाओं के खिलाफ बल प्रयोग उचित नहीं है। सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में खरगे ने कहा कि देश ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल होते देखा है। उनके अनुसार, लोकतंत्र में असहमति की आवाज को बलपूर्वक दबाना उचित नहीं माना जा सकता।
विरोध प्रदर्शन के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
यह पूरा विवाद सोमवार को NEET-UG 2026 पेपर लीक के आरोपों को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद और तेज हो गया। प्रदर्शन के दौरान संसद की ओर मार्च के समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। इसके बाद प्रदर्शनकारी संगठन के प्रतिनिधियों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं।
उल्लेखनीय है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो चुका है और यह 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। ऐसे में विपक्ष इस पूरे मुद्दे को सदन के भीतर प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है।
मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी का सरकार पर हमला
लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश के युवाओं के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज युवाओं के सामने रोजगार और अवसर लगातार कम हो रहे हैं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता भी सवालों के घेरे में है।
राहुल गांधी ने कहा कि छात्र केवल शिक्षा व्यवस्था से ही नहीं, बल्कि अपने भविष्य को लेकर भी चिंतित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था पर कुछ चुनिंदा प्रभावशाली समूहों का दबाव बढ़ रहा है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, गृह मंत्री और प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
हालांकि, सरकार की ओर से इस मांग पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विपक्ष ने संकेत दिया है कि मानसून सत्र के दौरान वह NEET पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लगातार उठाता रहेगा।












