नई दिल्ली (Tue, 12 May 2026)। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल लाखों छात्रों के लिए मंगलवार का दिन भारी अनिश्चितता लेकर आया। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने 3 मई 2026 को आयोजित हुई NEET UG 2026 परीक्षा रद करने का फैसला लिया है। पेपर लीक और कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद यह बड़ा निर्णय लिया गया। अब मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंप दी गई है।
करीब 22.79 लाख छात्रों ने इस परीक्षा में हिस्सा लिया था। ऐसे में परीक्षा रद होने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता, गुस्सा और असमंजस का माहौल देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया पर भी छात्र लगातार सवाल उठा रहे हैं कि महीनों की तैयारी और मानसिक दबाव का जिम्मेदार कौन होगा।
NEET UG 2026 परीक्षा रद होने के बाद क्या होगा?
NTA ने साफ किया है कि परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। हालांकि नई परीक्षा तिथि अभी घोषित नहीं की गई है। एजेंसी के अनुसार, जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट और नोटिफिकेशन के जरिए नई तारीखों की जानकारी दी जाएगी।
महत्वपूर्ण बात यह है कि छात्रों को दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। पहले से किया गया रजिस्ट्रेशन ही मान्य रहेगा और किसी प्रकार का अतिरिक्त परीक्षा शुल्क भी नहीं लिया जाएगा। NTA ने यह भी कहा है कि पहले जमा की गई परीक्षा फीस वापस की जाएगी।
इस बार परीक्षा का आयोजन NTA अपने आंतरिक संसाधनों और अतिरिक्त निगरानी व्यवस्था के साथ दोबारा कराएगी।
पेपर लीक मामले में CBI जांच शुरू
सरकार ने पूरे मामले को गंभीर मानते हुए जांच CBI को सौंपने का फैसला लिया है। NTA ने कहा है कि वह जांच एजेंसियों को हर जरूरी दस्तावेज, तकनीकी डेटा और रिकॉर्ड उपलब्ध कराएगी।
सूत्रों के अनुसार राजस्थान और उत्तराखंड से मिले इनपुट के बाद मामला तेजी से बढ़ा। जांच एजेंसियों को ऐसे प्रश्नों का सेट मिला था, जो वास्तविक परीक्षा के प्रश्नपत्र से काफी हद तक मेल खाते बताए जा रहे हैं।
राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने भी परीक्षा से पहले कथित तौर पर वायरल हुए प्रश्नपत्र और कोचिंग नेटवर्क की जांच शुरू की थी।
400 से ज्यादा सवालों का सेट बना जांच का आधार
एडिशनल डीजीपी (SOG) विशाल बंसल के मुताबिक, जांचकर्ताओं को 400 से अधिक प्रश्नों का एक सेट मिला था। इनमें से 100 से ज्यादा प्रश्न जीव विज्ञान और रसायन विज्ञान के थे, जो वास्तविक NEET परीक्षा में पूछे गए सवालों से काफी मिलते-जुलते पाए गए।
हालांकि शुरुआती स्तर पर इसे “संभावित प्रश्नपत्र” या टेस्ट सीरीज कहा गया, लेकिन जांच एजेंसियां अब बड़े नेटवर्क और संभावित सांठगांठ के एंगल पर भी काम कर रही हैं।
राजस्थान के कई शहरों, देहरादून और महाराष्ट्र के लातूर से भी कथित प्रश्नपत्रों और वीडियो सामग्री के सामने आने की बात कही जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हुई फोटोकॉपी और कथित स्क्रीनशॉट्स ने मामले को और गंभीर बना दिया।
छात्रों में नाराजगी, मानसिक दबाव भी बढ़ा
परीक्षा रद होने के फैसले के बाद छात्रों के बीच मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ छात्रों ने इसे निष्पक्षता के लिए जरूरी कदम बताया, जबकि बड़ी संख्या में छात्र दोबारा परीक्षा की तैयारी को लेकर तनाव में हैं।
कई अभिभावकों का कहना है कि बच्चों ने महीनों तक कठिन मेहनत की थी और अब फिर से उसी दबाव से गुजरना आसान नहीं होगा। खासतौर पर ग्रामीण और छोटे शहरों के छात्रों के सामने समय, संसाधन और मानसिक संतुलन की चुनौती खड़ी हो गई है।
NTA ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
छात्रों की सहायता के लिए NTA ने हेल्पलाइन नंबर और ई-मेल जारी किए हैं। छात्र परीक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए इन माध्यमों पर संपर्क कर सकते हैं:
- ई-मेल: neet-ug@nta.ac.in
- हेल्पलाइन: 011-40759000
- हेल्पलाइन: 011-69227700
NTA ने क्या कहा?
NTA ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि केंद्रीय एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर 3 मई 2026 को आयोजित परीक्षा को रद करने का निर्णय लिया गया है। एजेंसी ने कहा कि परीक्षा दोबारा आयोजित कराने की विस्तृत सूचना अलग से जारी की जाएगी।
NTA के अनुसार, 7 मई की देर रात कुछ संदिग्ध सूचनाएं सामने आई थीं। इसके बाद स्वतंत्र सत्यापन कराया गया और संबंधित जानकारी केंद्रीय एजेंसियों को भेज दी गई।
हालांकि एजेंसी ने यह भी दावा किया कि परीक्षा वाले दिन सभी केंद्रों पर प्रक्रिया निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सामान्य रूप से पूरी हुई थी।











