राष्ट्रीय उत्तर प्रदेश राज्य अंतरराष्ट्रीय खेल मनोरंजन एजुकेशन बिजनेस राशिफल

---Advertisement---

‘सोना खरीदने की जरूरत नहीं…’, PM मोदी की देशवासियों से बड़ी अपील, 24 घंटे में दूसरी बार जताई वैश्विक संकट की चिंता

On: May 11, 2026
Follow Us:
PM मोदी की देशवासियों से बड़ी अपील, 24 घंटे में दूसरी बार जताई वैश्विक संकट की चिंता
---Advertisement---

नई दिल्ली (Mon, 11 May 2026)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को देशवासियों से ऊर्जा बचत, लोकल उत्पादों को बढ़ावा देने और गैर-जरूरी खर्चों से बचने की अपील की। गुजरात के वडोदरा में सरदारधाम छात्रावास के उद्घाटन कार्यक्रम में संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार वैश्विक संकट और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया पिछले कुछ वर्षों से लगातार अस्थिर परिस्थितियों का सामना कर रही है। पहले कोरोना महामारी ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को झकझोर दिया, फिर आर्थिक संकट और अब पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष ने नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। उन्होंने कहा कि इन हालातों का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और भारत भी इससे पूरी तरह अछूता नहीं रह सकता।

पेट्रोल-डीजल कम इस्तेमाल करने की अपील

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने आम नागरिकों से ईंधन की खपत कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जहां तक संभव हो, लोग निजी वाहनों का कम उपयोग करें और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता दें।

प्रधानमंत्री ने कहा, “मेट्रो का इस्तेमाल बढ़ाइए, इलेक्ट्रिक बसों में यात्रा कीजिए और कार पूलिंग को बढ़ावा दीजिए। जिनके पास कार है, वे एक गाड़ी में अधिक लोगों को साथ लेकर चलें। छोटी-छोटी आदतें भी देश की बड़ी ताकत बन सकती हैं।”

उनके इस बयान को वैश्विक तेल बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और संभावित आर्थिक दबावों से जोड़कर देखा जा रहा है।

ऑनलाइन क्लास और वर्क फ्रॉम होम पर जोर

पीएम मोदी ने डिजिटल टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग का जिक्र करते हुए कहा कि अब टेक्नोलॉजी ने जीवन को काफी आसान बना दिया है। ऐसे में सरकारी और निजी संस्थानों को जहां संभव हो, वर्चुअल मीटिंग्स और वर्क फ्रॉम होम को प्राथमिकता देनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि ऑनलाइन क्लास, डिजिटल मीटिंग्स और रिमोट वर्क जैसे विकल्प न केवल समय बचाते हैं बल्कि ईंधन की खपत भी कम करते हैं। पीएम ने संकेत दिए कि मौजूदा वैश्विक हालातों में ऊर्जा संरक्षण राष्ट्रीय जिम्मेदारी बन चुका है।

‘पश्चिम एशिया का संकट दशक के सबसे बड़े संकटों में से एक’

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति को इस दशक के सबसे गंभीर संकटों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि यदि कोरोना महामारी इस सदी का सबसे बड़ा संकट थी, तो पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात दुनिया के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।

उन्होंने कहा, “जब हमने मिलकर कोरोना जैसी महामारी का सामना कर लिया, तो इस चुनौती से भी देश अवश्य बाहर निकलेगा। सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि आम लोगों पर इसका कम से कम असर पड़े।”

पीएम मोदी के इस बयान को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों, सप्लाई चेन और आर्थिक अस्थिरता की आशंकाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।

‘फिलहाल सोना खरीदने से बचें’

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में सोने के आयात का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में सोना विदेशों से आयात करता है, जिससे देश का काफी पैसा बाहर जाता है। ऐसे समय में जब वैश्विक हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लोगों को गैर-जरूरी खरीदारी टालनी चाहिए।

उन्होंने कहा, “जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते, हम सोने की खरीद को टालें। यह समय देशहित में सोचने का है।”

‘वोकल फॉर लोकल’ को फिर बनाया मुद्दा

पीएम मोदी ने एक बार फिर ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान पर जोर देते हुए लोगों से स्थानीय उत्पादों को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि विदेशी सामान के बजाय भारतीय उत्पाद खरीदना केवल आर्थिक फैसला नहीं, बल्कि देश के उद्यमियों और छोटे कारोबारियों को मजबूत करने का माध्यम भी है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि गांवों, कस्बों और शहरों में काम करने वाले स्थानीय उद्यमियों को समर्थन देना आज समय की जरूरत है। उनके मुताबिक, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में जनभागीदारी सबसे बड़ी ताकत साबित होगी।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now