नई दिल्ली|11 जून 2026: वैश्विक स्तर पर आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भारत अपनी विकास यात्रा को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रहा है। गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यही संदेश देते हुए कहा कि दुनिया भले ही अनिश्चितताओं के दौर से गुजर रही हो, लेकिन भारत दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘विकसित भारत’ का लक्ष्य केवल केंद्र सरकार का नहीं, बल्कि सभी राज्यों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब केंद्र और राज्य एक टीम के रूप में काम करते हैं, तभी बड़े राष्ट्रीय लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
नीति आयोग बैठक में युवाओं को बताया भारत की सबसे बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री मोदी ने देश की युवा आबादी को भारत की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए कहा कि वर्तमान समय देश के लिए ऐतिहासिक अवसर लेकर आया है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में आबादी बूढ़ी हो रही है, जबकि भारत के पास युवा शक्ति का विशाल आधार मौजूद है।
उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दें। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत की विकास गति इस बात पर निर्भर करेगी कि देश अपने युवाओं की क्षमता का कितना प्रभावी उपयोग कर पाता है।
छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए नए अवसर
बैठक में आर्थिक विकास और व्यापार विस्तार भी प्रमुख चर्चा का विषय रहा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) किए हैं, जिससे भारतीय उत्पादों के लिए वैश्विक बाजारों के दरवाजे खुले हैं।
उन्होंने कहा कि विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) के लिए यह एक बड़ा अवसर है। यदि ये उद्योग अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को अपनाते हैं और प्रतिस्पर्धी उत्पाद तैयार करते हैं, तो वे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि निर्यात बढ़ाने के लिए राज्यों को भी स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देना होगा, ताकि भारत का उत्पादन और वैश्विक पहुंच दोनों मजबूत हो सकें।
महिला नेतृत्व को बताया विकसित भारत का मजबूत स्तंभ
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में महिला सशक्तिकरण को विकसित भारत की आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि आज देश की महिलाएं कृषि, उद्यमिता, स्टार्टअप, विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि “महिला नेतृत्व में विकास” केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत की विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्यों से आग्रह करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा, आर्थिक भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने वाली योजनाओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रधानमंत्री के अनुसार, जब महिलाओं को समान अवसर मिलते हैं तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज और अर्थव्यवस्था पर दिखाई देता है।
सहकारी संघवाद से मजबूत होगा देश
नीति आयोग बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सहकारी संघवाद की अवधारणा को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि राज्यों के बीच अनुभवों और सफल मॉडलों का आदान-प्रदान विकास की प्रक्रिया को तेज कर सकता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अलग-अलग राज्यों ने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। यदि इन सफल प्रयोगों को साझा किया जाए, तो पूरे देश को इसका लाभ मिल सकता है। उन्होंने राज्यों से आपसी सहयोग और संवाद बढ़ाने का आह्वान किया।
विकसित भारत के लक्ष्य पर केंद्रित रही बैठक
गवर्निंग काउंसिल की इस बैठक में विकास, रोजगार, निवेश, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण और राज्यों की भूमिका जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय, युवा शक्ति का प्रभावी उपयोग और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी निर्णायक भूमिका निभाएगी।
बैठक के जरिए प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर यह संदेश देने का प्रयास किया कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत विकास, नवाचार और समावेशी प्रगति के अपने एजेंडे पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है।










