नई दिल्ली/24 जुलाई 2026। देशभर में नीट पेपर लीक को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच गुरुवार देर रात घटनाक्रम तेजी से बदला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात करीब 12 बजे देश के नाम वीडियो संदेश जारी कर घोषणा की कि केंद्र सरकार पेपर लीक कानून को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए नया विधेयक लाने जा रही है। प्रस्तावित विधेयक में पेपर लीक के मामलों की त्वरित सुनवाई, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और फास्ट ट्रैक कोर्ट का प्रावधान शामिल किए जाने पर विचार किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में विस्तार से चर्चा होगी। कैबिनेट की मंजूरी के बाद विधेयक को अंतिम रूप देकर जल्द संसद में पेश करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाया जा सके।
कैबिनेट में होगी विधेयक पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि सरकार की प्राथमिकता युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों मेहनती छात्रों के साथ अन्याय हैं और इन्हें रोकने के लिए कठोर कानूनी व्यवस्था जरूरी है। इसी उद्देश्य से नया विधेयक तैयार किया गया है, जिस पर कैबिनेट में विचार-विमर्श होगा।
सरकार का कहना है कि विधेयक को जल्द से जल्द संसद से पारित कराने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में परीक्षा से जुड़ी धांधलियों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
रात 12:40 बजे सोनम वांगचुक ने तोड़ा 27 दिन का अनशन
प्रधानमंत्री की घोषणा के कुछ ही समय बाद गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में भर्ती पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना 27 दिन से जारी अनशन समाप्त कर दिया। रात करीब 12:40 बजे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह उनसे मिलने पहुंचे। दोनों नेताओं ने उन्हें जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।
अनशन समाप्त करने के बाद वांगचुक ने कहा कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक पहल का भरोसा दिया है। उन्होंने बताया कि लंबी बातचीत और देश में संभावित तनाव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया।
प्रस्तावित पेपर लीक कानून में हो सकते हैं ये सख्त प्रावधान
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित पेपर लीक कानून में कई कठोर प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं। इनमें प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं—
- पेपर लीक के दोषियों को 5 से 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान।
- गंभीर मामलों में जमानत के प्रावधान को कड़ा बनाया जा सकता है।
- यदि किसी कोचिंग संस्थान, शिक्षक या शिक्षा संस्थान की संलिप्तता पाई जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई, जिसमें संस्थान बंद करने का प्रावधान भी शामिल हो सकता है।
- पेपर तैयार करने या लीक कराने में शामिल दोषियों को भविष्य में परीक्षा प्रणाली से स्थायी रूप से बाहर किया जा सकता है।
- संगठित गिरोहों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई और त्वरित न्याय के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।
युवाओं की उम्मीदों पर टिकी नजर
देशभर में पेपर लीक की लगातार सामने आ रही घटनाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में सरकार की ओर से नए पेपर लीक कानून की घोषणा को परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर शुक्रवार को होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक और उसके बाद विधेयक के अंतिम स्वरूप पर रहेगी।











