विक्टोरिया (सेशेल्स), 28 जून 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय सेशेल्स यात्रा भारत और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने वाली साबित हो रही है। रविवार को सेशेल्स की राजधानी विक्टोरिया पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर के साथ स्वागत किया गया। इसी दौरान उन्हें पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास में वैश्विक नेतृत्व के लिए सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया गया।
इस यात्रा का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव तब आया, जब प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में निर्मित अत्याधुनिक फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) ‘पीएस लेस्पवार’ सेशेल्स को सौंपा। इसे भारत और सेशेल्स के बीच बढ़ते रक्षा एवं समुद्री सहयोग का बड़ा प्रतीक माना जा रहा है।
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ औपचारिक स्वागत
रविवार को विक्टोरिया पहुंचने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूरे राजकीय सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद उनकी सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता शुरू हुई।
दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, तटरक्षक बलों के बीच समन्वय, समुद्री निगरानी और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। माना जा रहा है कि इस दौरान कई अहम द्विपक्षीय समझौतों को भी अंतिम रूप दिया जा सकता है।
‘मेड-इन-इंडिया’ पेट्रोल वेसल से बढ़ेगी समुद्री सुरक्षा
प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को विक्टोरिया स्थित सेशेल्स कोस्ट गार्ड बेस पर आयोजित कार्यक्रम में भारत निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल ‘पीएस लेस्पवार’ राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी को औपचारिक रूप से सौंपा।
गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित यह आधुनिक पोत सेशेल्स की समुद्री निगरानी क्षमता को मजबूत करेगा। इसके जरिए देश अपने एक्सक्लूसिव इकोनॉमिक जोन (EEZ) में अधिक प्रभावी ढंग से गश्त कर सकेगा और समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि पीएस लेस्पवार का हस्तांतरण भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा तथा समुद्री सुरक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देने वाला महत्वपूर्ण कदम है।
‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से सम्मानित हुए पीएम मोदी
सेशेल्स सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देश के सर्वोच्च सम्मान ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से सम्मानित किया। यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने, समुद्री पारिस्थितिकी के संरक्षण और टिकाऊ विकास के लिए किए गए उनके वैश्विक प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।
यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी की उस सोच को भी मान्यता देता है, जिसमें ग्रीन ग्रोथ, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को विकास का महत्वपूर्ण आधार माना गया है।
वैश्विक मंच पर लगातार बढ़ रही पहचान
सेशेल्स का यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को मिले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की सूची में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में जुड़ गया है।
इससे पहले मई 2026 में संयुक्त राष्ट्र की संस्था खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) ने उन्हें कृषि सुधार, खाद्य सुरक्षा और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए ‘एग्रीकोला मेडल’ से सम्मानित किया था।
वहीं वर्ष 2018 में उन्हें टिकाऊ आर्थिक विकास और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ‘सियोल शांति पुरस्कार’ मिला था। इसी वर्ष संयुक्त राष्ट्र ने उन्हें पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ सम्मान से भी नवाजा था।
भारतीय समुदाय और संसद को भी करेंगे संबोधित
तीन दिवसीय राजकीय यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सेशेल्स में भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वह सेशेल्स की नेशनल असेंबली को भी संबोधित करेंगे।
इस संबोधन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के पहले ऐसे भारतीय प्रधानमंत्री बन जाएंगे, जिन्होंने 20 देशों की संसद या नेशनल असेंबली को संबोधित करने का रिकॉर्ड अपने नाम किया है।
हिंद महासागर में मजबूत हो रही भारत-सेशेल्स साझेदारी
विशेषज्ञों का मानना है कि हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती सामरिक चुनौतियों के बीच भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा और क्षमता निर्माण का सहयोग लगातार गहरा हो रहा है। भारत की ओर से रक्षा उपकरण, प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराए जाने से दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती मिल रही है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल कूटनीतिक औपचारिकता नहीं, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सक्रिय भूमिका, ‘मेड-इन-इंडिया’ रक्षा क्षमता और वैश्विक नेतृत्व की बढ़ती स्वीकार्यता का भी स्पष्ट संदेश मानी जा रही है।










