नई दिल्ली/22 जुलाई 2026। संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन जहां एक ओर विपक्षी दल विभिन्न मुद्दों को लेकर संसद परिसर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के अध्यक्ष शरद पवार की मुलाकात ने राजनीतिक हलकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। इस मुलाकात में एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले भी मौजूद रहीं।
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में हुई इस मुलाकात की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। तस्वीरों में प्रधानमंत्री मोदी और शरद पवार एक-दूसरे से गर्मजोशी से मिलते, मुस्कुराते और बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच कुछ दस्तावेजों पर भी चर्चा होती नजर आई, हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है।
पीएम मोदी ने दरवाजे पर किया स्वागत, हाथ थामकर कार्यालय तक ले गए
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी तस्वीरों में दिखाई देता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं अपने कार्यालय के प्रवेश द्वार तक पहुंचे और वरिष्ठ नेता शरद पवार का स्वागत किया। उन्होंने शरद पवार का हाथ थामकर उनका अभिवादन किया और उन्हें अपने कार्यालय के भीतर लेकर गए। इस दौरान सांसद सुप्रिया सुले भी साथ मौजूद थीं। मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल देखने को मिला और बातचीत के दौरान कई दस्तावेजों का आदान-प्रदान भी हुआ।
परिसीमन विधेयक की चर्चा के बीच बढ़ा बैठक का राजनीतिक महत्व
इस मुलाकात का समय राजनीतिक दृष्टि से अहम माना जा रहा है। केंद्र सरकार संसद के मानसून सत्र में प्रस्तावित परिसीमन विधेयक को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। ऐसे संवैधानिक प्रकृति के विधेयकों को पारित कराने के लिए संसद में विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है। इसी वजह से विभिन्न दलों का समर्थन सरकार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे समय में विपक्ष के वरिष्ठ नेता शरद पवार और प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात स्वाभाविक रूप से राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन गई है।
सीटों में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी पर पहले रख चुका है एनसीपी (एसपी) अपना पक्ष
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) पहले भी परिसीमन के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट कर चुकी है। पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि यदि सभी राज्यों में लोकसभा सीटों में 50 प्रतिशत वृद्धि का लिखित आश्वासन दिया जाता है, तो पार्टी इस विषय पर सकारात्मक चर्चा के लिए तैयार होगी। इसी बयान के बाद से पार्टी के रुख को लेकर लगातार राजनीतिक अटकलें लगाई जा रही हैं।
NDA में शामिल होने की अटकलें फिर हुईं तेज
प्रधानमंत्री और शरद पवार की मुलाकात के बाद एक बार फिर यह चर्चा तेज हो गई कि क्या एनसीपी (एसपी) का भविष्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ कोई राजनीतिक समीकरण बन सकता है। हालांकि इस संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
भाजपा से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यदि भविष्य में किसी प्रकार की राजनीतिक साझेदारी पर विचार होता भी है तो पार्टी चाहती है कि एनसीपी के दोनों गुट पहले अपने आंतरिक मतभेद समाप्त कर एकजुट हों। इसके बाद ही किसी औपचारिक गठबंधन पर चर्चा संभव मानी जाएगी।
आधिकारिक जानकारी का इंतजार, राजनीतिक चर्चाएं जारी
फिलहाल प्रधानमंत्री कार्यालय और एनसीपी (एसपी) की ओर से इस मुलाकात के एजेंडे या बातचीत के विषयों का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में बैठक को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। संसद के मानसून सत्र के बीच हुई यह मुलाकात आने वाले दिनों में राष्ट्रीय राजनीति की दिशा को लेकर चर्चाओं का केंद्र बनी हुई है।










