लखनऊ (16 अक्टूबर 2025): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ स्थित शिव शांति आश्रम पहुंचकर संत शिरोमणि Sai Chanduram Ji को अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने संत के पार्थिव शरीर पर केसरिया अंग वस्त्र ओढ़ाया, पुष्पांजलि अर्पित की और नम आंखों से संत की स्मृतियों को नमन किया।
आश्रम परिसर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा था। लोग दूर-दूर से अपने पूज्य संत के दर्शन के लिए पहुंचे थे। हर कोई मौन होकर उस दिव्य आत्मा को स्मरण कर रहा था जिसने वर्षों तक समाज में आध्यात्मिकता, सेवा और एकता का संदेश फैलाया।
मुख्यमंत्री योगी ने श्रद्धालुओं से बातचीत के दौरान कहा,
“संत शिरोमणि Sai Chanduram Ji ने अपने जीवन से जनसेवा और अध्यात्म को जोड़ा। वे केवल सिंधी समाज के नहीं, बल्कि पूरे भारतीय समाज के प्रेरणास्रोत थे।”
🌸 मुख्यमंत्री ने जताया गहरा शोक
बुधवार को ही मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया संदेश में संत के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की थी। उन्होंने लिखा था—
“सिंधी समाज के प्रमुख धर्मगुरु, पूज्य श्री शांति आश्रम के पीठाधीश्वर, संत शिरोमणि श्री Sai Chanduram Ji का निधन अत्यंत दुखद और आध्यात्मिक समाज की अपूरणीय क्षति है। भगवान झूलेलाल से प्रार्थना है कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और अनुयायियों को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति।”
🙏 श्रद्धालुओं ने लिया संकल्प
आश्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं और अनुयायियों ने संत जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। कई श्रद्धालु आंखों में आंसू लिए कह रहे थे—
“साईं बाबा ने हमें प्रेम, त्याग और मानवता का पाठ पढ़ाया है। उनका आशीर्वाद हमारे जीवन का आधार रहेगा।”
संत के शिष्य और आश्रम से जुड़े साधु-संतों ने कहा कि वे गुरुजी के विचारों को समाज में जन-जन तक पहुंचाने का कार्य जारी रखेंगे।
🌼 आध्यात्मिक विरासत बनी रहेगी जीवंत
संत शिरोमणि Sai Chanduram Ji के ब्रह्मलीन होने के बाद पूरा आश्रम शोक की लहर में डूबा है, लेकिन उनके उपदेश, साधना और सेवा भावना ने एक अमिट छाप छोड़ी है। उनका जीवन स्वयं में एक संदेश है—“सेवा ही सर्वोच्च साधना है।”







