नई दिल्ली, 21 जुलाई 2026। संसद मानसून सत्र 2026 के दूसरे दिन भी लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी। विपक्षी दलों ने नीट पेपर लीक और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही पहले दो बार कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी और बाद में पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
पहले दिन जहां विपक्ष ने कुछ अन्य मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा था, वहीं मंगलवार को छात्रों से जुड़े मामलों और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर विपक्ष ने अपना विरोध केंद्रित किया।
कार्यवाही शुरू होते ही शुरू हुआ हंगामा
मंगलवार सुबह जैसे ही संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर नारेबाजी करने लगे। लगातार हो रहे विरोध के कारण पहले लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई।
इसके बाद सदन दोबारा शुरू हुआ, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। हंगामा जारी रहने पर कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष अड़ा
दोपहर दो बजे सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई तो विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। विपक्ष का कहना था कि नीट पेपर लीक मामले पर सरकार को जवाब देना चाहिए और इस विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा कराई जानी चाहिए।
लगातार व्यवधान के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में खरगे ने उठाया छात्रों का मुद्दा
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कार्यवाही शुरू होते ही छात्रों पर कथित लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से इस मामले में जवाब देने की मांग की और कहा कि छात्रों से जुड़े गंभीर विषयों पर संसद में चर्चा होनी चाहिए।
सदन स्थगित होने के बाद मीडिया से बातचीत में खरगे ने कहा कि विपक्ष की मांग है कि नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुई कार्रवाई पर सरकार सदन में अपना पक्ष स्पष्ट करे।
लोकसभा में भी विपक्ष का विरोध जारी
लोकसभा में भी कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने लोकसभा अध्यक्ष से आग्रह किया कि नीट पेपर लीक के मुद्दे पर सदन में चर्चा कराई जाए ताकि छात्रों की चिंताओं पर सरकार जवाब दे सके।
विपक्ष ने सरकार से मांगा जवाब
संसद परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष चाहता है कि नीट पेपर लीक और छात्रों पर कथित लाठीचार्ज जैसे मुद्दों पर सदन में चर्चा हो। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन विषयों पर जवाब देने से बच रही है।
वहीं सरकार की ओर से इस खबर में इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
हंगामे के बीच विधायी कार्य प्रभावित
मानसून सत्र के दूसरे दिन भी लगातार हंगामे के कारण संसद का नियमित विधायी कामकाज प्रभावित रहा। लगातार दूसरे दिन कार्यवाही बाधित होने से सरकार के प्रस्तावित विधायी एजेंडे और अन्य संसदीय कार्य आगे नहीं बढ़ सके। अब निगाहें सत्र के अगले दिन पर टिकी हैं कि सरकार और विपक्ष के बीच गतिरोध समाप्त होता है या नहीं।












