लखनऊ, 30 अक्टूबर 2025 (गुरुवार): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगरा में बन रहे छत्रपति शिवाजी महाराज संग्रहालय (Shivaji Maharaj Museum Agra) के निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा की और स्पष्ट निर्देश दिया कि भवन का निर्माण कार्य जनवरी तक हर हाल में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय भारत के स्वाभिमान, सांस्कृतिक गौरव और वीरता का जीवंत प्रतीक बनेगा, जहाँ आगंतुक केवल इतिहास को देखेंगे नहीं, बल्कि उसे महसूस भी करेंगे।
‘यह संग्रहालय भारत की गौरवगाथा को जीवंत करेगा’
संस्कृति विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि आगरा में बन रहा Shivaji Maharaj Museum Agra केवल इतिहास का स्थिर प्रदर्शन नहीं होगा, बल्कि यह एक “जीवंत अनुभव केंद्र” बनेगा, जहाँ भारत की गौरवगाथा का प्रत्यक्ष अनुभव संभव होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर गैलरी को थीमैटिक, इंटरएक्टिव और तकनीकी रूप से सशक्त बनाया जाए, ताकि आगंतुक दर्शक नहीं बल्कि सहभागी बन सकें।
“यह संग्रहालय भारत की आत्मा और स्वराज्य की भावना का प्रतीक बनेगा,”
— सीएम योगी आदित्यनाथ
‘Shivaji and The Great Escape Gallery’: 7D तकनीक में दिखेगी वीरता की गाथा
सीएम योगी ने विशेष रूप से ‘शिवाजी एवं द ग्रेट एस्केप गैलरी’ को संग्रहालय का केंद्रबिंदु बताते हुए निर्देश दिया कि आगरा किले से छत्रपति शिवाजी महाराज की ऐतिहासिक मुक्ति को 7D तकनीक, डिजिटल साउंड, लाइट और विजुअल इफेक्ट्स के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए।
उन्होंने कहा कि यह अनुभाग शिवाजी महाराज के स्वराज्य संकल्प और अदम्य साहस का सजीव प्रतीक बनेगा।
‘अग्रदूतों की गैलरी’ में सजेगी स्वतंत्रता संग्राम की यादें
मुख्यमंत्री ने ‘अग्रदूतों की गैलरी’ के लिए कहा कि इसमें 1857 के प्रथम स्वाधीनता संग्राम से जुड़े सेनानियों की स्मृतियों, वस्तुओं और दस्तावेजों को आधुनिक तकनीक के साथ प्रदर्शित किया जाए।
यहाँ झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहेब, तात्या टोपे जैसे वीरों की कहानियाँ इंटरएक्टिव रूप में जीवंत की जाएँ, ताकि यह गैलरी स्वतंत्रता की नींव रखने वाले अग्रदूतों का अमर स्मारक बन सके।
त्योहारों, नदियों और संस्कृति का जीवंत अनुभव
मुख्यमंत्री ने ‘त्योहारों की गैलरी’ में उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्वों —
काशी की देव दीपावली और महाशिवरात्रि,
ब्रज के श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और रंगोत्सव,
तथा प्रयागराज के महाकुंभ — का जीवंत चित्रण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि यहाँ केवल तस्वीरें न लगाई जाएँ, बल्कि प्रकाश, ध्वनि, संगीत और रंगों के माध्यम से आगंतुक को उत्सव का वास्तविक अनुभव कराया जाए।
इसी तरह, ‘नदियों की गैलरी’ में गंगा, यमुना, सरयू और घाघरा जैसी नदियों से जुड़ी आस्था, संस्कृति और लोकजीवन को प्रदर्शित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ‘देवासुर संग्राम’ जैसे अनुभागों में भारतीय दर्शन और मूल्यों की व्याख्या को शामिल करने पर भी बल दिया।
‘आगरा गैलरी’ में दिखेगी विरासत और आधुनिकता का संगम
सीएम योगी ने ‘आगरा गैलरी’ को शहर की सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत का दर्पण बताते हुए कहा कि इसमें मुगलकालीन स्थापत्य, ब्रज संस्कृति और आधुनिक आगरा — तीनों का समन्वित रूप दिखे।
साथ ही ‘ओरिएंटेशन गैलरी’ को संग्रहालय की प्रस्तावना के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए, ताकि आगंतुकों को छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और उस युग के सामाजिक-सांस्कृतिक परिवेश की समझ मिल सके।
‘भविष्य के लिए प्रेरणा बने यह संग्रहालय’
मुख्यमंत्री ने कहा कि Shivaji Maharaj Museum Agra का उद्देश्य केवल अतीत को दिखाना नहीं, बल्कि भविष्य को प्रेरित करना है।
उन्होंने सभी गैलरियों में वर्चुअल रियलिटी, साउंड-लाइट शो, डिजिटल आर्काइव्स और इंटरएक्टिव डिस्प्ले जैसी तकनीकें शामिल करने के निर्देश दिए।
“संग्रहालय का हर आंगन, हर दीवार और हर कलाकृति बोलती हुई कहानी बने,”
— सीएम योगी आदित्यनाथ
गुणवत्ता और समयसीमा पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने संस्कृति विभाग और निर्माण एजेंसियों को निर्देश दिया कि परियोजना की साप्ताहिक समीक्षा की जाए और सभी कार्य निर्धारित गुणवत्ता व समयसीमा में पूर्ण हों।
उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय आगरा की पहचान को नई ऊँचाई देगा और उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक गौरव का जीवंत प्रतीक बनेगा।







