गंगटोक, 16 मई 2026: भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शनिवार को सिक्किम के 51वें राज्यत्व दिवस समारोह में शामिल होकर राज्य की विकास यात्रा, पर्यावरण संरक्षण और लोकतांत्रिक मूल्यों की खुलकर सराहना की। राजधानी गंगटोक के मनन केंद्र में आयोजित भव्य कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सिक्किम ने देश को यह दिखाया है कि विकास और प्रकृति साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं।
उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन में सिक्किम को “प्रकृति, संस्कृति और सुशासन का अद्भुत संगम” बताते हुए कहा कि यह राज्य केवल कृषि के लिहाज से नहीं, बल्कि अपने चरित्र और जीवनशैली से भी पूरी तरह ऑर्गेनिक है। उनके भाषण के दौरान सभागार में मौजूद लोगों ने कई बार तालियों से स्वागत किया।
सिक्किम राज्यत्व दिवस 2026 समारोह में दिखा पारंपरिक रंग
सिक्किम के 51वें राज्यत्व दिवस समारोह में पारंपरिक संस्कृति और आधुनिक विकास की झलक एक साथ दिखाई दी। गंगटोक पहुंचने पर उपराष्ट्रपति का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया और लोक भवन में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इस दौरान सिक्किम के राज्यपाल ओम प्रकाश माथुर और मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने उनका गर्मजोशी से अभिनंदन किया।
राज्यपाल की ओर से लोक भवन में विशेष दिवा-भोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, सांसद इंद्रहांग सुब्बा, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने सिक्किम के प्रथम मुख्यमंत्री काजी लेंडुप दोर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व ने आधुनिक सिक्किम की मजबूत नींव रखी। कार्यक्रम में कई विकास परियोजनाओं का वर्चुअल उद्घाटन भी किया गया।
खराब मौसम के बीच सड़क मार्ग से पहुंचे उपराष्ट्रपति
नई दिल्ली से बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उपराष्ट्रपति को हेलीकॉप्टर से सिक्किम जाना था, लेकिन खराब मौसम के कारण उड़ान संभव नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने सिलीगुड़ी से सड़क मार्ग द्वारा गंगटोक तक का सफर तय किया।
अपने संबोधन में उन्होंने इस यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उनका सिक्किम का पहला सड़क सफर था और बेहद यादगार अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि रास्ते भर सिक्किम के लोगों की सादगी, अनुशासन और शांत स्वभाव साफ दिखाई दिया।
उन्होंने कहा, “यहां शोर नहीं, बल्कि आत्मीयता महसूस होती है। यही वास्तविक ऑर्गेनिक जीवन है।”
100 प्रतिशत ऑर्गेनिक राज्य बनने की उपलब्धि का किया जिक्र
उपराष्ट्रपति ने वर्ष 2016 में सिक्किम के दुनिया का पहला 100 प्रतिशत ऑर्गेनिक राज्य बनने को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि 76 हजार हेक्टेयर भूमि को रसायनमुक्त बनाना केवल कृषि सुधार नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक परिवर्तन था।
उन्होंने कहा कि सिक्किम ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि आर्थिक विकास प्रकृति की कीमत पर नहीं होना चाहिए। राज्य के 47 प्रतिशत वन क्षेत्र, इको-टूरिज्म मॉडल और पर्यावरण संरक्षण की नीतियों की भी उन्होंने सराहना की।
रेलवे परियोजना का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि इससे सिक्किम के ऑर्गेनिक उत्पाद देशभर के बाजारों तक आसानी से पहुंच सकेंगे और किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा।
सिक्किम के भारत में विलय को बताया ऐतिहासिक क्षण
अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति ने कहा कि छात्र जीवन में उन्होंने सिक्किम के भारत में शामिल होने की खबर पढ़ी थी, जिसे उन्होंने गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि 1962 के युद्ध के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से सिक्किम का भारत में विलय बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।
उन्होंने कहा कि सिक्किम आज देश की एकता, पर्यावरण संतुलन और सांस्कृतिक समृद्धि का मजबूत उदाहरण बन चुका है।
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने जताया आभार
मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामांग ने कहा कि उपराष्ट्रपति की मौजूदगी ने सिक्किम राज्यत्व दिवस समारोह को ऐतिहासिक बना दिया। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के बावजूद सड़क मार्ग से गंगटोक पहुंचना राज्य के प्रति उनके विशेष लगाव और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिक्किम यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने राज्य को “पूर्व का स्वर्ग” बताया था। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने में सिक्किम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा, एकता और अखंडता सिक्किम की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं और राज्य हर परिस्थिति में देश के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा।











