लखनऊ/02 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। यूपी बिजली दर 2026 के तहत राज्य में इस साल भी बिजली की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। यानी लगातार सातवें वर्ष भी घरेलू, व्यावसायिक और अन्य सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं को पुराने टैरिफ पर ही बिजली मिलेगी। इसके साथ ही जुलाई महीने के बिजली बिल में 4.43 प्रतिशत की अतिरिक्त राहत भी दी जाएगी, जिससे लाखों उपभोक्ताओं का मासिक खर्च कम होगा।
राज्य के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा करते हुए इसे उत्तर प्रदेश के बिजली प्रबंधन की बड़ी उपलब्धि बताया।
यूपी बिजली दर 2026 में सातवें साल भी नहीं बढ़े बिजली के रेट
ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने अपने पोस्ट में कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार सात वर्षों से बिजली की दरों में एक पैसे की भी वृद्धि नहीं की गई है। वर्ष 2026-27 में भी सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए वही टैरिफ लागू रहेगा, जो सात वर्ष पहले निर्धारित किया गया था।
उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती बिजली मांग और रिकॉर्ड आपूर्ति के बावजूद सरकार ने उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे कारोबारियों और उद्योगों को भी राहत मिलेगी।
रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति के बीच उपभोक्ताओं को मिली राहत
ऊर्जा मंत्री के अनुसार, इस वर्ष गर्मियों के दौरान उत्तर प्रदेश ने बिजली आपूर्ति का नया रिकॉर्ड बनाया। राज्य में 32,673 मेगावाट तक बिजली की आपूर्ति दर्ज की गई, जो देश में सबसे अधिक बताई गई।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक चुनौतियों के बावजूद प्रदेश सरकार शहरों से लेकर गांवों तक और मुख्य सड़कों से लेकर छोटी गलियों तक निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास लगातार कर रही है। सरकार का लक्ष्य हर उपभोक्ता तक बेहतर और भरोसेमंद बिजली सेवा पहुंचाना है।
जुलाई के बिजली बिल में मिलेगी 4.43% की अतिरिक्त छूट
स्थिर बिजली दरों के अलावा जुलाई महीने में उपभोक्ताओं को एक और राहत मिलेगी। फ्यूल एंड पावर परचेज कॉस्ट एडजस्टमेंट (FPPCA) के तहत जुलाई के बिजली बिलों में 4.43 प्रतिशत की कमी लागू की गई है।
बताया जा रहा है कि पिछले 15 महीनों में यह एफपीपीसीए के तहत दी गई सबसे बड़ी राहत है। इससे प्रदेश के उपभोक्ताओं को कुल मिलाकर करीब 358 करोड़ रुपये का लाभ मिलने का अनुमान है।
बिजली खरीद लागत घटने से संभव हुई राहत
ऊर्जा विभाग के अनुसार, बिजली खरीद की लागत में कमी आने के कारण उपभोक्ताओं को यह राहत दी जा रही है। वहीं, बिजली उपभोक्ताओं से पूर्व में की गई अतिरिक्त वसूली की वापसी को लेकर भी प्रक्रिया जारी है, जिस पर संबंधित स्तर पर विचार किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि भविष्य में बिजली खरीद लागत नियंत्रित रहती है, तो उपभोक्ताओं को आगे भी इसी तरह की राहत मिलने की संभावना बनी रह सकती है।
उपभोक्ताओं के लिए क्या है फायदा?
- लगातार सातवें वर्ष बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं।
- वर्ष 2026-27 में भी पुराना टैरिफ ही लागू रहेगा।
- जुलाई के बिजली बिल में 4.43% की अतिरिक्त राहत।
- एफपीपीसीए के तहत करीब 358 करोड़ रुपये का सामूहिक लाभ।
- रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति के बीच उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं।
उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारिक प्रतिष्ठानों और अन्य बिजली उपभोक्ताओं को भी सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। लगातार सात वर्षों तक बिजली दरों को स्थिर रखना और साथ ही जुलाई के बिल में अतिरिक्त छूट देना राज्य के लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।











