लखनऊ/02 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश में मानसून ने अब पूरी तरह रफ्तार पकड़ ली है। गुरुवार को मानसून ने पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके चलते पूर्वांचल, विंध्य और दक्षिणी हिस्सों में कई जगह झमाझम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तक बारिश का मुख्य असर बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र में रहेगा, जबकि 5 जुलाई से पूरे प्रदेश में फिर से व्यापक और अच्छी बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।
इसी बीच मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए छह जिलों में भारी बारिश और 44 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात का येलो अलर्ट जारी किया है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की अपील की गई है।
इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को बांदा, चित्रकूट, सोनभद्र, महोबा, झांसी और ललितपुर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों के आसपास के क्षेत्रों में भी तेज बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने सलाह दी है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और निचले इलाकों में रहने वाले लोग विशेष सतर्कता बरतें।
44 जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी
भारी बारिश के अलावा प्रदेश के 44 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इन जिलों में बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, रायबरेली, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर शामिल हैं।
मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचें।
इन जिलों में हुई सबसे ज्यादा बारिश
गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा मिर्जापुर के चुनार में 120 मिमी रिकॉर्ड की गई। इसके बाद आजमगढ़ में 114.6 मिमी, संभल में 104 मिमी, बिजनौर में 62 मिमी, वाराणसी में 54.6 मिमी और बाराबंकी में 50 मिमी बारिश दर्ज की गई।
इसके अलावा लखीमपुर खीरी, सुल्तानपुर समेत कई अन्य जिलों में भी मानसून मेहरबान रहा और अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई।
5 जुलाई से पूरे प्रदेश में फिर सक्रिय होगा मानसून
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 3 और 4 जुलाई के दौरान मानसूनी गतिविधियां मुख्य रूप से बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र तक सीमित रहेंगी। हालांकि 5 जुलाई से प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां दोबारा तेज होने की संभावना है, जिससे किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में लगातार बदलते मौसम को देखते हुए किसानों, यात्रियों और खुले में काम करने वाले लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।











