लखनऊ/03 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत बनाने की दिशा में शुक्रवार को एक अहम कदम उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के नए अत्याधुनिक परिसर का लोकार्पण करेंगे। करीब 464 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह परिसर प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और नेतृत्व विकास के लिए प्रदेश का सबसे आधुनिक संस्थानों में से एक माना जा रहा है।
सरकार का मानना है कि यह नई अकादमी सुशासन, पारदर्शिता और नागरिक-केंद्रित प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यूपी का नया प्रशासनिक प्रशिक्षण केंद्र आधुनिक सुविधाओं से होगा लैस
लखनऊ के सुलतानपुर रोड स्थित सीजी सिटी में लगभग 22.5 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस परिसर को आधुनिक तकनीक और वैश्विक प्रशिक्षण मानकों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
यहां एक साथ 300 आवासीय और 900 गैर-आवासीय यानी कुल 1,200 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देने की व्यवस्था की गई है। इससे भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), प्रांतीय सिविल सेवा (PCS), न्यायिक सेवा, ग्रुप ‘ए’ एवं ग्रुप ‘बी’ अधिकारियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को आधुनिक प्रशासनिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
सात दशक पुरानी प्रशिक्षण व्यवस्था को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक प्रशिक्षण व्यवस्था की शुरुआत वर्ष 1951 में ऑफिसर्स ट्रेनिंग स्कूल (OTS) के रूप में हुई थी। पिछले सात दशकों में इस संस्थान ने हजारों प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अब नया परिसर इस व्यवस्था को डिजिटल तकनीक, आधुनिक शिक्षण पद्धति और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रशिक्षण सुविधाओं से जोड़ते हुए नई दिशा देगा। सरकार का उद्देश्य अधिकारियों को बदलती प्रशासनिक चुनौतियों, तकनीकी बदलाव और बेहतर जनसेवा के लिए तैयार करना है।
डिजिटल लर्निंग से लेकर खेल सुविधाओं तक, मिलेंगी कई आधुनिक व्यवस्थाएं
नवीन परिसर में प्रशिक्षण और शोध कार्यों के लिए अत्याधुनिक संसाधन विकसित किए गए हैं। यहां 13 आधुनिक प्रशिक्षण कक्ष, 300 सीटों का प्रेक्षागृह, दो बहुउद्देशीय सभागार, डिजिटल लर्निंग सेंटर, डिजिटल स्टूडियो, डिजिटल लैब, आधुनिक पुस्तकालय, कॉन्फ्रेंस रूम, बोर्ड रूम और शोध एवं अध्ययन की विशेष सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इसके अलावा प्रशिक्षणार्थियों के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए क्रिकेट मैदान, बैडमिंटन कोर्ट और लॉन टेनिस कोर्ट जैसी खेल सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। परिसर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की भी क्षमता होगी।
प्रशासनिक दक्षता और सुशासन को मिलेगी नई मजबूती
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह नया प्रशिक्षण केंद्र अधिकारियों और कर्मचारियों को नीति निर्माण, प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के क्षेत्र में अधिक सक्षम बनाएगा। बदलती प्रशासनिक जरूरतों के अनुरूप नेतृत्व क्षमता विकसित करने के साथ यह संस्थान शासन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
महानिदेशक ने बताया भविष्य की प्रशासनिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम
डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी के महानिदेशक एम. देवराज के अनुसार, अकादमी का नया परिसर प्रदेश में प्रशासनिक प्रशिक्षण की गुणवत्ता को नई पहचान देगा। आधुनिक संसाधनों, डिजिटल तकनीक और वैश्विक मानकों से सुसज्जित यह संस्थान ऐसे प्रशासनिक नेतृत्व को तैयार करेगा जो सुशासन, नवाचार और जनसेवा के प्रति अधिक संवेदनशील, दक्ष और उत्तरदायी होगा।
सरकार को उम्मीद है कि इस अत्याधुनिक परिसर के संचालन से उत्तर प्रदेश की प्रशासनिक क्षमता मजबूत होगी और भविष्य की शासन व्यवस्था को प्रशिक्षित एवं सक्षम मानव संसाधन उपलब्ध कराने में यह संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।











