लखनऊ/06 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाओं के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि अतिवृष्टि या बिजली गिरने से हुई जनहानि, पशुहानि और आर्थिक नुकसान का त्वरित आकलन किया जाए तथा पात्र प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
सरकार ने सभी जिलों के प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
राहत कार्यों में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें और राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि नुकसान का सर्वे तेजी से पूरा किया जाए ताकि सहायता राशि समय पर पीड़ितों तक पहुंच सके।
सीएम ने यह भी कहा कि जिला प्रशासन स्थानीय स्तर पर स्थिति पर लगातार नजर रखे और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत सामग्री एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराए।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली चमकने या तेज बारिश के समय बिना जरूरी कारण घर से बाहर न निकलें।
इसके अलावा नदियों, तालाबों और अन्य जलाशयों के आसपास जाने या स्नान करने से बचने तथा मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है।
18 जिलों में भारी बारिश और बिजली गिरने का ऑरेंज अलर्ट
भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के 18 जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों के लिए विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है, उनमें शामिल हैं—
- आगरा
- अलीगढ़
- अमेठी
- औरैया
- अयोध्या
- बागपत
- बांदा
- बाराबंकी
- भदोही
- बुलंदशहर
- चित्रकूट
- इटावा
- फतेहपुर
- फिरोजाबाद
- गौतम बुद्ध नगर
- गाजियाबाद
- हमीरपुर
- हापुड़
इन जिलों के लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की हिदायत दी गई है।
प्रशासन को हर स्तर पर सतर्क रहने के निर्देश
प्रदेश सरकार का कहना है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन, राहत विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा गया है। जहां भी बारिश या बिजली गिरने से नुकसान की सूचना मिले, वहां तत्काल राहत और बचाव दल भेजे जाएंगे ताकि प्रभावित लोगों को शीघ्र सहायता मिल सके।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसी भी परिवार को राहत मिलने में अनावश्यक देरी न हो और सभी आवश्यक सरकारी सहायता समय पर उपलब्ध कराई जाए।












