लखनऊ|20 मई 2026 : उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा हासिल कर रही छात्राओं के लिए बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार अब मेधावी छात्राओं को पढ़ाई और आवागमन में सुविधा देने के उद्देश्य से रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस योजना के तहत पात्र छात्राओं को निश्शुल्क ईवी (इलेक्ट्रिक) स्कूटी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।
बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष इस योजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। सरकार ने प्रारंभिक स्तर पर इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है। हालांकि, योजना के अंतिम स्वरूप और पात्रता मानदंडों पर अभी काम जारी है।
रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के जरिए छात्राओं को मिलेगा उच्च शिक्षा का सहारा
सरकार का मानना है कि कई छात्राएं उच्च शिक्षा के दौरान परिवहन संबंधी चुनौतियों का सामना करती हैं। ऐसे में यह योजना केवल वाहन वितरण तक सीमित नहीं होगी, बल्कि छात्राओं को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें अधिक स्वतंत्र बनाने की दिशा में भी काम करेगी।
प्रस्ताव के अनुसार योजना का लाभ उच्च शिक्षा संस्थानों में पढ़ने वाली मेधावी छात्राओं को दिया जाएगा। फिलहाल इस पर विचार किया जा रहा है कि इसमें स्नातक (यूजी) और परास्नातक (पीजी) स्तर की छात्राओं को शामिल किया जाए।
अधिकारियों के अनुसार योजना का लक्ष्य छात्राओं को नियमित रूप से शिक्षा संस्थानों तक पहुंचने में मदद देना और उनके लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक परिवहन विकल्प उपलब्ध कराना है।
पात्रता और चयन प्रक्रिया पर अभी जारी है मंथन
हालांकि सरकार ने योजना की दिशा तय कर दी है, लेकिन इसका लाभ किन छात्राओं को मिलेगा और चयन किस आधार पर होगा, इसे लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
वर्तमान में अधिकारियों के स्तर पर कई बिंदुओं पर विचार चल रहा है, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- मेरिट आधारित चयन प्रणाली
- आर्थिक और शैक्षणिक मानदंड
- शैक्षणिक संस्थानों की पात्रता
- आवेदन और सत्यापन प्रक्रिया
- लाभार्थियों की संख्या और वितरण मॉडल
सरकार योजना की नियमावली तैयार कर रही है ताकि चयन प्रक्रिया पारदर्शी और विवाद-मुक्त रहे।
मुख्यमंत्री ने दिए पारदर्शी व्यवस्था तैयार करने के निर्देश
प्रस्तुतीकरण देखने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का अंतिम ढांचा ऐसा हो जिससे वास्तविक रूप से योग्य छात्राओं तक इसका लाभ पहुंचे।
उन्होंने सुझावों और व्यवहारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नियमावली तैयार करने तथा योजना को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। अधिकारियों को कहा गया है कि अंतिम प्रारूप तैयार करते समय पारदर्शिता और सुगमता दोनों सुनिश्चित की जाएं।
शिक्षा के साथ आत्मनिर्भरता पर भी सरकार का फोकस
राज्य सरकार इस योजना को केवल छात्र कल्याण कार्यक्रम नहीं बल्कि महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता से भी जोड़कर देख रही है। इलेक्ट्रिक स्कूटी को शामिल करने का उद्देश्य पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देना और नई पीढ़ी को हरित विकल्पों की ओर प्रेरित करना भी माना जा रहा है।
यदि योजना प्रस्तावित स्वरूप में लागू होती है, तो आने वाले समय में हजारों छात्राओं को उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान बनाने में इसका सीधा लाभ मिल सकता है।












