लखनऊ/06 अगस्त 2026: उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास कार्यों की निगरानी अब आधुनिक तकनीक के जरिए की जाएगी। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (वीबी-जीरामजी) के तहत संचालित विकास कार्यों की ड्रोन से निगरानी कराने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि इस पहल से विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था अपनाकर विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।
वीबी-जीरामजी के तहत 12 जिलों में होगी ड्रोन मैपिंग
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने निर्देश दिए कि प्रदेश के चयनित 12 जिलों में वीबी-जीरामजी के तहत चल रहे विकास कार्यों की ड्रोन आधारित मैपिंग और फोटोशूट कराया जाए। इससे प्रत्येक परियोजना का सटीक, वास्तविक और तकनीक आधारित मूल्यांकन संभव होगा।
उन्होंने कहा कि ड्रोन सर्वेक्षण के जरिए तैयार होने वाला डाटा विकास कार्यों की प्रगति की निगरानी के साथ-साथ भविष्य की योजना बनाने में भी उपयोगी साबित होगा।
आधुनिक तकनीक से बढ़ेगी गुणवत्ता और पारदर्शिता
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों में आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दे रही है। ड्रोन आधारित निगरानी से निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार होगा, संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा और परियोजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन अधिक सटीक तरीके से किया जा सकेगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तकनीक का उपयोग केवल निरीक्षण तक सीमित न रहे, बल्कि उसके आधार पर समय-समय पर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के भी निर्देश
केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों से कहा कि ड्रोन सर्वेक्षण के माध्यम से तैयार होने वाले डिजिटल अभिलेखों का व्यवस्थित रखरखाव किया जाए। प्रत्येक परियोजना की प्रगति का नियमित तुलनात्मक विश्लेषण किया जाए, ताकि कार्यों की गति और गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन परियोजनाओं में प्रगति अपेक्षित स्तर पर नहीं मिले, वहां तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं और जिम्मेदार अधिकारियों से जवाबदेही तय की जाए।
समयबद्ध विकास कार्यों पर सरकार का जोर
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि विकास योजनाएं तय समय-सीमा के भीतर पूरी हों और उनका लाभ पात्र लोगों तक बिना किसी बाधा के पहुंचे। ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली से कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, जवाबदेही मजबूत होगी और परियोजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।










